{"_id":"5b0c434f4f1c1bac6e8b50d2","slug":"171527530319-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेहरोली-चितौड़खाल सड़क के लिए एक जून से होगा बेमियादी आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेहरोली-चितौड़खाल सड़क के लिए एक जून से होगा बेमियादी आंदोलन
Updated Mon, 28 May 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीखेत (अल्मोड़ा)। स्याल्दे तहसील के अंतर्गत मेहरोली-चित्तौड़खाल मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से क्षेत्रवासियों में निराशा है। कई बार आंदोलनों के बावजूद पिछले आठ साल से मार्ग निर्माण में कोई प्रगति नहीं हुई है। आक्रोशित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अब इसके लिए एक जून से स्याल्दे तहसील मुख्यालय पर तालाबंदी के साथ अनिश्चतकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
मालूम हो कि सुदूरवर्ती सराईखेत, कनारीथौड़, मंगरूखाल, रुडोली, गोगन्याड़, दुधोली, कलझीपा रजवार, गिवांईपानी, ईकूरौला, ईकूखेत सहित तमाम गांव स्याल्दे तहसील और ब्लॉक से जुड़े हुए हैं। इन क्षेत्रों से मुख्यालयों की दूरी अत्यधिक होने के कारण ग्रामीणों को कई किमी पैदल चलने को विवश होना पड़ता है। यदि वाहनों के माध्यम से ग्रामीण मुख्यालय पहुंचते हैं तो उन्हें 50 किमी से अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है। अब ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में एक जून से तहसील स्याल्दे में तालाबंदी के साथ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। कहा कि यदि फिर भी सड़क नहीं बनी तो ग्रामीण आमरण अनशन शुरू कर देंगे। चेतावनी देने वालों में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष कुंवर सिंह कठायत, ललित सिंह कठायत, कुंदन सिंह मेहता, सालीग राम, भगत राम, प्रमोद कठायत, त्रिलोक कठायत, जगत सिंह जीना, खीम सिंह भंडारी, मुरलीधर बलोदी, हरिदत्त बलोदी, रमेश चंद्र, पान सिंह बिष्ट, नारायण सिंह बिष्ट, ज्येष्ठ प्रमुख भूपाल सिंह रावत, कनिष्ठ प्रमुख लता नेगी आदि शामिल हैं।
आठ साल बाद भी अस्तित्व में नहीं आ सकी 12 किमी सड़क
मार्ग बनने से सीमावर्ती गांवों की दूरी हो जाएगी तहसील मुख्यालय से कम
विज्ञापन
मालूम हो कि सुदूरवर्ती सराईखेत, कनारीथौड़, मंगरूखाल, रुडोली, गोगन्याड़, दुधोली, कलझीपा रजवार, गिवांईपानी, ईकूरौला, ईकूखेत सहित तमाम गांव स्याल्दे तहसील और ब्लॉक से जुड़े हुए हैं। इन क्षेत्रों से मुख्यालयों की दूरी अत्यधिक होने के कारण ग्रामीणों को कई किमी पैदल चलने को विवश होना पड़ता है। यदि वाहनों के माध्यम से ग्रामीण मुख्यालय पहुंचते हैं तो उन्हें 50 किमी से अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है। अब ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में एक जून से तहसील स्याल्दे में तालाबंदी के साथ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। कहा कि यदि फिर भी सड़क नहीं बनी तो ग्रामीण आमरण अनशन शुरू कर देंगे। चेतावनी देने वालों में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष कुंवर सिंह कठायत, ललित सिंह कठायत, कुंदन सिंह मेहता, सालीग राम, भगत राम, प्रमोद कठायत, त्रिलोक कठायत, जगत सिंह जीना, खीम सिंह भंडारी, मुरलीधर बलोदी, हरिदत्त बलोदी, रमेश चंद्र, पान सिंह बिष्ट, नारायण सिंह बिष्ट, ज्येष्ठ प्रमुख भूपाल सिंह रावत, कनिष्ठ प्रमुख लता नेगी आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
आठ साल बाद भी अस्तित्व में नहीं आ सकी 12 किमी सड़क
मार्ग बनने से सीमावर्ती गांवों की दूरी हो जाएगी तहसील मुख्यालय से कम