{"_id":"59fdf4324f1c1b7a548bae89","slug":"171509815346-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्च शिक्षा के अस्थायी पदों पर आरक्षण की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उच्च शिक्षा के अस्थायी पदों पर आरक्षण की मांग
Updated Sat, 04 Nov 2017 10:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीखेत (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड एससी-एसटी इंप्लाइज एसोसिएशन ने उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों की भर्ती में अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के लोगों को आरक्षण देने की मांग उठाई है। संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना के माध्यम से उच्च शिक्षा निदेशक को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है, लेकिन अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण का इसमें कोई प्रावधान नहीं किया गया है। जबकि पूर्व में भी इसी प्रकार विभाग में कई पदों पर अस्थायी नियुक्तियां की गईं थीं, उन्हें अब स्थायी कर दिया गया है। कहा कि आरक्षण की व्यवस्था नहीं होने से उच्च शिक्षा में एससी-एसटी वर्ग का प्रतिनिधित्व कम हो गया है, इससे बैकलॉग भी बढ़ता जा रहा है। बैकलॉग को भरने के लिए भी विभाग द्वारा कभी भी विशेष भर्ती का अभियान नहीं चलाया जाता है। ज्ञापन में इन पदों के लिए नियमानुसार आरक्षण की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में मंडलीय महासचिव दिनेश टम्टा, एनसी कोहली, महिपाल, एनके आर्या, एमके टम्टा, एचएल आर्या सहित तमाम लोग शामिल थे।
विज्ञापन