{"_id":"5b09d1f24f1c1b956e8b4c92","slug":"161527370226-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच किलोमीट तक कंधे में दूध ढोने वाले के बेटे ने पाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच किलोमीट तक कंधे में दूध ढोने वाले के बेटे ने पाई
Updated Sun, 27 May 2018 03:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीमताल (नैनीताल)। ओखलकांडा विकासखंड के दूरस्थ गांव कोकड़ के दूध बेचने वाले बेहद गरीब हर्ष सिंह के बेटे नीरज मेवाड़ी ने हाईस्कूल में 84.2 प्रतिशत अंक लाकर पिता का सपना पूरा किया है। नीरज के पिता रोजाना लूगड़ तक पांच किलोमीटर अपने कंधे पर कैन रखकर दूध बेचने जाते हैं। उन्होंने कड़ी मेहनत कर बेटे को पढ़ाया है।
नीरज मेवाड़ी ओखलकांडा के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ककोड़ के छात्र हैं। छात्र नीरज मेवाड़ी ने बताया पिता हर्ष सिंह की मेहनत को देखते हुए उसने पिता के सपनों को साकार करने के लिए हाईस्कूल की परीक्षा अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण करने की ठान ली थी। शनिवार को रिजल्ट घोषित होते ही जब हर्ष सिंह को पता चला कि उनका बेटा 84.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में प्रथम आया है तो उन्होंने बेटे को खुशी से गले लगा लिया। नीरज ने बताया वह बेहद गरीब परिवार से है।
उसने पांच घंटे रोजाना स्कूल से आने के बाद तैयारी की थी। नीरज ने बताया कि वह भविष्य में अध्यापक बनना चाहते हैं। नीरज की मां चंपा मेवाड़ी घर का काम करती है। बड़ी बहन मंजू मेवाड़ी कक्षा 12 की छात्रा है। छोटी बहन जीवंती मेवाड़ी कक्षा आठ की छात्रा और छोटा भाई कमल मेवाड़ी प्राइमरी में पढ़ता है। पिता हर्ष सिंह ने कहा कि उन्होंने जो गरीबी देखी है वह नहीं चाहते कि उनके बच्चे भी वो दिन देखें। इसलिए बच्चों को पढ़ा लिखाकर बड़ा अधिकारी बनाना चाहते हैं।
विज्ञापन
दूध वाले के बेटे ने छुआ आसमां
रोजाना पांच किलोमीटर तक कंधे पर कैन रखकर दूध बेचते हैं पिता
दूरस्थ गांव कोकड़ के नीरज ने 84.2 प्रतिशत अंक पाकर किया पिता का सपना पूरा
विज्ञापन
नीरज मेवाड़ी ओखलकांडा के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ककोड़ के छात्र हैं। छात्र नीरज मेवाड़ी ने बताया पिता हर्ष सिंह की मेहनत को देखते हुए उसने पिता के सपनों को साकार करने के लिए हाईस्कूल की परीक्षा अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण करने की ठान ली थी। शनिवार को रिजल्ट घोषित होते ही जब हर्ष सिंह को पता चला कि उनका बेटा 84.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में प्रथम आया है तो उन्होंने बेटे को खुशी से गले लगा लिया। नीरज ने बताया वह बेहद गरीब परिवार से है।
विज्ञापन
उसने पांच घंटे रोजाना स्कूल से आने के बाद तैयारी की थी। नीरज ने बताया कि वह भविष्य में अध्यापक बनना चाहते हैं। नीरज की मां चंपा मेवाड़ी घर का काम करती है। बड़ी बहन मंजू मेवाड़ी कक्षा 12 की छात्रा है। छोटी बहन जीवंती मेवाड़ी कक्षा आठ की छात्रा और छोटा भाई कमल मेवाड़ी प्राइमरी में पढ़ता है। पिता हर्ष सिंह ने कहा कि उन्होंने जो गरीबी देखी है वह नहीं चाहते कि उनके बच्चे भी वो दिन देखें। इसलिए बच्चों को पढ़ा लिखाकर बड़ा अधिकारी बनाना चाहते हैं।
विज्ञापन
दूध वाले के बेटे ने छुआ आसमां
रोजाना पांच किलोमीटर तक कंधे पर कैन रखकर दूध बेचते हैं पिता
दूरस्थ गांव कोकड़ के नीरज ने 84.2 प्रतिशत अंक पाकर किया पिता का सपना पूरा