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कॉलेज के तीन विषयों की संबद्धता को पैनल ने परखीं व्यवस्थाएं
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हल्द्वानी। विश्वविद्यालय के पैनल ने एमबी डिग्री कॉलेज में संस्कृत, शिक्षाशास्त्र और भूगोल विषयों की संबद्धता अवधि बढ़ाने के संदर्भ में व्यवस्थाओं को परखा और तीनों विषयों के पठन-पाठन एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। प्राध्यापकों की राय जानने के साथ ही व्यवस्थाओं को लेकर महाविद्यालय में की गई व्यवस्थाओं को लेकर रिपोर्ट विवि प्रबंधन को भेज दी है। पैनल की रिपोर्ट पर तीनों विषयों की संबद्धता अवधि बढ़ाने के लिए विवि प्रशासन निर्णय लेगा।
एमबी कॉलेज में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ.विनय विद्यालंकार ने बताया कि महाविद्यालय में 2014 में संस्कृत, शिक्षाशास्त्र और भूगोल विषयों की पीजी की स्वीकृति दी गई। इन विषयों की संबद्धता 2019 तक दी गई थी। इस वर्ष तीनों विषयों की पीजी की संबद्धता समाप्त हो रही है। पैनल ने संबद्धता की अवधि बढ़ाने और तीनों विषयों को लेकर महाविद्यालय की छात्र संख्या, पर्याप्त पुस्तकें, पठन-पाठन की व्यवस्था समेत सभी मानकों के बारे में जानकारी ली। पैनल को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। पैनल ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रबंधन को भेज दी है। जल्द ही इन तीनों विषयों की संबद्धता की अवधि बढ़ सकती है। पैनल में विवि से डॉ. एलएम जोशी, एसएसजे परिसर अल्मोड़ा से प्रो. जेएस रावत, प्रो. विजयारानी ढौंडियाल, डीएसबी परिसर नैनीताल से डॉ. जया तिवारी, उच्चशिक्षा निदेशालय से उपशिक्षा निदेशक डॉ. बीएम हरबोला आदि थे।
कॉलेज के तीन विषयों की संबद्धता को पैनल ने परखीं व्यवस्थाएं
भूगोल, संस्कृत और शिक्षाशास्त्र की संबद्धता की अवधि हो रही समाप्त
संबद्धता अवधि बढ़ाने को लेकर पैनल ने जानी प्राध्यापकों की राय
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एमबी कॉलेज में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ.विनय विद्यालंकार ने बताया कि महाविद्यालय में 2014 में संस्कृत, शिक्षाशास्त्र और भूगोल विषयों की पीजी की स्वीकृति दी गई। इन विषयों की संबद्धता 2019 तक दी गई थी। इस वर्ष तीनों विषयों की पीजी की संबद्धता समाप्त हो रही है। पैनल ने संबद्धता की अवधि बढ़ाने और तीनों विषयों को लेकर महाविद्यालय की छात्र संख्या, पर्याप्त पुस्तकें, पठन-पाठन की व्यवस्था समेत सभी मानकों के बारे में जानकारी ली। पैनल को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। पैनल ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रबंधन को भेज दी है। जल्द ही इन तीनों विषयों की संबद्धता की अवधि बढ़ सकती है। पैनल में विवि से डॉ. एलएम जोशी, एसएसजे परिसर अल्मोड़ा से प्रो. जेएस रावत, प्रो. विजयारानी ढौंडियाल, डीएसबी परिसर नैनीताल से डॉ. जया तिवारी, उच्चशिक्षा निदेशालय से उपशिक्षा निदेशक डॉ. बीएम हरबोला आदि थे।
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कॉलेज के तीन विषयों की संबद्धता को पैनल ने परखीं व्यवस्थाएं
भूगोल, संस्कृत और शिक्षाशास्त्र की संबद्धता की अवधि हो रही समाप्त
संबद्धता अवधि बढ़ाने को लेकर पैनल ने जानी प्राध्यापकों की राय