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हल्द्वानी और अल्मोड़ा में बनेंगे जीआईएस उपकेंद्र
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जीआईएस उपकेंद्र
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हल्द्वानी। हल्द्वानी और अल्मोड़ा में आधुनिक तकनीक गैस इंटीग्रेटेड सिस्टम (जीआईएस) के 33/11केवी उपकेंद्र बनेंगे। इसके लिए जगह का चयन कर लिया गया है। उपकेंद्र बनने के बाद लोड के बढ़ते दबाव से निजात मिलेगी, साथ ही पुराने उपकेंद्रों पर भी भार कम होगा।
इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत अल्मोड़ा और हल्द्वानी में 33/11 केवी उपकेंद्र बनेगा। हल्द्वानी के डीजल पॉवर हाउस की जमीन को उपकेंद्र निर्माण के लिए चयनित किया गया है। इस पर लगभग नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि अल्मोड़ा में 132केवी उपकेंद्र (स्यालीधार) के पास ही इसका निर्माण होगा। अल्मोड़ा में लगभग सात करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्लानिंग के अधिशासी अभियंता डीएस बिष्ट ने बताया कि योजना पर काम चल रहा है और प्रस्ताव तैयार हो गया है। मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के साथ ही काम शुरू हो जाएगा। बताया कि गैस इंसुलेटेड सिस्टम का प्रयोग होने के कारण उपकेंद्र बनाने के लिए कम जगह की जरूरत पड़ती है। टेंडर की प्रक्रिया देहरादून में चल रही है।
हल्द्वानी और अल्मोड़ा में बनेंगे जीआईएस उपकेंद्र
हल्द्वानी में डीजल पॉवर हाउस की जगह का हुआ चयन, 33/11 केवी उपकेंद्र पर खर्च होगा 9 करोड़
अल्मोड़ा के 132 केवी उपकेंद्र की जमीन पर बनेगा 33/11 केवी उपकेंद्र सात करोड़ होंगे खर्च
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इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत अल्मोड़ा और हल्द्वानी में 33/11 केवी उपकेंद्र बनेगा। हल्द्वानी के डीजल पॉवर हाउस की जमीन को उपकेंद्र निर्माण के लिए चयनित किया गया है। इस पर लगभग नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि अल्मोड़ा में 132केवी उपकेंद्र (स्यालीधार) के पास ही इसका निर्माण होगा। अल्मोड़ा में लगभग सात करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्लानिंग के अधिशासी अभियंता डीएस बिष्ट ने बताया कि योजना पर काम चल रहा है और प्रस्ताव तैयार हो गया है। मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के साथ ही काम शुरू हो जाएगा। बताया कि गैस इंसुलेटेड सिस्टम का प्रयोग होने के कारण उपकेंद्र बनाने के लिए कम जगह की जरूरत पड़ती है। टेंडर की प्रक्रिया देहरादून में चल रही है।
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हल्द्वानी और अल्मोड़ा में बनेंगे जीआईएस उपकेंद्र
हल्द्वानी में डीजल पॉवर हाउस की जगह का हुआ चयन, 33/11 केवी उपकेंद्र पर खर्च होगा 9 करोड़
अल्मोड़ा के 132 केवी उपकेंद्र की जमीन पर बनेगा 33/11 केवी उपकेंद्र सात करोड़ होंगे खर्च