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एनएच 74 के भूमि घोटाले में लिप्त तीन आरोपियों को मिली जमानत
Updated Wed, 12 Dec 2018 01:07 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने एनएच-74 मुआवजा घोटाला मामले में जेल में बंद काशीपुर के तत्कालीन एसडीएम भगत सिंह फोनिया, एसडीएम के पेशकार विकास सिंह और किसान चरण सिंह की जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट मुख्य आरोपी डीपी सिंह सहित अन्य की जमानत प्रार्थना पत्र पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगी।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ऊधमसिंह नगर में एनएच-74 चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण में करीब पांच सौ करोड़ का घोटाला उजागर हुआ था। इस घोटाले की जांच को बनी एसआईटी अब तक तीन सौ करोड़ की गड़बड़ी की पुष्टि कर चुकी है। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर अब तक 20 से अधिक आरोपितों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा जा चुका है। इसमें राजस्व अधिकारी-कर्मचारी और किसान शामिल हैं। एसआईटी की ओर से अदालत में पेश की गई चार्जशीट में आरोपियों पर मुआवजा निर्धारण में वित्तीय अनियमितता, भूमि के अभिलेखों में हेराफेरी, राजस्व हानि, सरकारी धन का दुरुपयोग के आरोप शामिल हैं। अकृषि प्रयोजन की भूमि का स्वरूप बदलकर आठ से दस गुना अधिक मुआवजा दिया गया। जांच में तमाम पीसीएस अधिकारियों के साथ तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, चकबंदी व सहायक चकबंदी अधिकारी, लेखपाल दोषी पाए गए हैं। निचली अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
एनएच 74 भूमि घोटाला
फोनिया समेत तीन आरोपियों को मिली जमानत
मुख्य आरोपी डीपी सिंह सहित अन्य की जमानत याचिका पर अगले हफ्ते होगी सुनवाई
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न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ऊधमसिंह नगर में एनएच-74 चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण में करीब पांच सौ करोड़ का घोटाला उजागर हुआ था। इस घोटाले की जांच को बनी एसआईटी अब तक तीन सौ करोड़ की गड़बड़ी की पुष्टि कर चुकी है। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर अब तक 20 से अधिक आरोपितों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा जा चुका है। इसमें राजस्व अधिकारी-कर्मचारी और किसान शामिल हैं। एसआईटी की ओर से अदालत में पेश की गई चार्जशीट में आरोपियों पर मुआवजा निर्धारण में वित्तीय अनियमितता, भूमि के अभिलेखों में हेराफेरी, राजस्व हानि, सरकारी धन का दुरुपयोग के आरोप शामिल हैं। अकृषि प्रयोजन की भूमि का स्वरूप बदलकर आठ से दस गुना अधिक मुआवजा दिया गया। जांच में तमाम पीसीएस अधिकारियों के साथ तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, चकबंदी व सहायक चकबंदी अधिकारी, लेखपाल दोषी पाए गए हैं। निचली अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
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एनएच 74 भूमि घोटाला
फोनिया समेत तीन आरोपियों को मिली जमानत
मुख्य आरोपी डीपी सिंह सहित अन्य की जमानत याचिका पर अगले हफ्ते होगी सुनवाई