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बायानों का क्रियांवयन उच्चशिक्षा मंत्री के लिए आसान नहीं
Updated Sun, 22 Jul 2018 02:16 AM IST
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नैनीताल। कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही छात्र हितों की दुहाई देकर धरना प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है। खास बात यह है कि इसमें सत्ता पक्ष के संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी ही बढ़ चढ़कर आगे आया है। संगठन की मांग सब को प्रवेश दिए जाने की है। जबकि उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कई बार डिग्री कॉलेजों में सीटों के आधार पर ही प्रवेश देने की बात कह चुके हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन पशोपेश में है कि मंत्री के आदेश को मानें या सत्ता पक्ष के ही संगठन के नेताओं की सुनें।
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के 14 वें दीक्षांत समारोह और अन्य मंचों पर भी मानकों के आधार पर तय सीटों पर ही प्रवेश देने की बात कही है। छात्रों के आंदोलन को देखते हुए कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से शासन को पत्र लिखकर कॉलेजों में सीटों के मामले से अवगत कराया था। विश्वविद्यालय के पत्र के आधार पर प्रभारी सचिव उच्च शिक्षा अशोक कुमार की ओर से उच्चशिक्षा निदेशालय हल्द्वानी को विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में मानक से अधिक प्रवेश न देने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने दिए थे मानक के आधार पर प्रवेश देने के आदेश
हल्द्वानी। हाईकोर्ट ने 2014 में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को राज्य के डिग्री कॉलेजों में मानक के आधार पर ही प्रवेश देने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार की ओर से बीच का रास्ता निकाल कर कॉलेजों में प्रवेश दिए जाते रहे हैं।
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महाविद्यालयों में सीटों के अनुसार प्रवेश कराने को लेकर शासन के सख्त आदेश हैं और विश्वविद्यालय आदेशों का पालन कर रहा है। सीटों के मामले में निर्णया सरकार को ही लेना होता है।
- प्रो. संजय पंत, मुख्य परीक्षा नियंत्रक कुविवि
हर साल प्रवेश को लेकर कॉलेजों में प्रदर्शन होते हैं लेकिन कोई स्थायी हल नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के बीच भी असमंजस का माहौल रहता है। हम सरकार से ये मांग करते हैं कि इस स्थिति का कोई स्थायी हल निकले जिससे कॉलेजों में पढ़ाई का माहौल बना रहे।
-चंदन सिंह बिष्ट, प्रदेश सहमंत्री, एबीवीपी
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उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के 14 वें दीक्षांत समारोह और अन्य मंचों पर भी मानकों के आधार पर तय सीटों पर ही प्रवेश देने की बात कही है। छात्रों के आंदोलन को देखते हुए कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से शासन को पत्र लिखकर कॉलेजों में सीटों के मामले से अवगत कराया था। विश्वविद्यालय के पत्र के आधार पर प्रभारी सचिव उच्च शिक्षा अशोक कुमार की ओर से उच्चशिक्षा निदेशालय हल्द्वानी को विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में मानक से अधिक प्रवेश न देने के निर्देश दिए हैं।
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हाईकोर्ट ने दिए थे मानक के आधार पर प्रवेश देने के आदेश
हल्द्वानी। हाईकोर्ट ने 2014 में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को राज्य के डिग्री कॉलेजों में मानक के आधार पर ही प्रवेश देने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार की ओर से बीच का रास्ता निकाल कर कॉलेजों में प्रवेश दिए जाते रहे हैं।
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महाविद्यालयों में सीटों के अनुसार प्रवेश कराने को लेकर शासन के सख्त आदेश हैं और विश्वविद्यालय आदेशों का पालन कर रहा है। सीटों के मामले में निर्णया सरकार को ही लेना होता है।
- प्रो. संजय पंत, मुख्य परीक्षा नियंत्रक कुविवि
हर साल प्रवेश को लेकर कॉलेजों में प्रदर्शन होते हैं लेकिन कोई स्थायी हल नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के बीच भी असमंजस का माहौल रहता है। हम सरकार से ये मांग करते हैं कि इस स्थिति का कोई स्थायी हल निकले जिससे कॉलेजों में पढ़ाई का माहौल बना रहे।
-चंदन सिंह बिष्ट, प्रदेश सहमंत्री, एबीवीपी