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शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दें स्वयं सेवी संस्थाएं: कमिश्नर
Updated Wed, 13 Jun 2018 02:08 AM IST
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नैनीताल। आयुक्त कुमाऊं मंडल राजीव रौतेला ने मंगलवार को शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहीं स्वयंसेवी संस्थाओं की बैठक में शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालय में उत्कृष्ट कार्य के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाएं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के प्रति विशेष ध्यान दें।
झील विकास प्राधिकरण सभागार में कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षा अभियान के तहत कार्य कर रहे 18 स्वयंसेवी संस्थाओं को दिशा निर्देश दिए। बैठक में उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पुणे, पांडुचेरी, बंगलूरू में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहीं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। बैठक में संपर्क फाउंडेशन, अजीम प्रेमजी, रूम एंड रेड फाउंडेशन, अरविंदो इंडिया एजूकेशन, चिराग, सृजन और नैब संस्था हल्द्वानी के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में आयुक्त ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों के अलावा पर्वतीय क्षेत्र के स्कूलों में समग्र शिक्षा की ओर ध्यान देने की आवश्यकता अधिक है। अधिकांश संस्थाएं मैदानी क्षेत्रों में कार्य कर रहीं हैं। उन्होंने राजकीय विद्यालयों में गिरती छात्र संख्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यालय में फर्नीचर अनिवार्य रूप से होना चाहिए। बैठक में अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक शिक्षा एनएल गौतम, एनके पंत, आलोक जोशी, जगमोहन रौतेला आदि मौजूद थे।
स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ आयुक्त ने की बैठक
18 स्वयंसेवी संस्थाओं को दिए दिशा निर्देश
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झील विकास प्राधिकरण सभागार में कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षा अभियान के तहत कार्य कर रहे 18 स्वयंसेवी संस्थाओं को दिशा निर्देश दिए। बैठक में उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पुणे, पांडुचेरी, बंगलूरू में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहीं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। बैठक में संपर्क फाउंडेशन, अजीम प्रेमजी, रूम एंड रेड फाउंडेशन, अरविंदो इंडिया एजूकेशन, चिराग, सृजन और नैब संस्था हल्द्वानी के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में आयुक्त ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों के अलावा पर्वतीय क्षेत्र के स्कूलों में समग्र शिक्षा की ओर ध्यान देने की आवश्यकता अधिक है। अधिकांश संस्थाएं मैदानी क्षेत्रों में कार्य कर रहीं हैं। उन्होंने राजकीय विद्यालयों में गिरती छात्र संख्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यालय में फर्नीचर अनिवार्य रूप से होना चाहिए। बैठक में अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक शिक्षा एनएल गौतम, एनके पंत, आलोक जोशी, जगमोहन रौतेला आदि मौजूद थे।
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स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ आयुक्त ने की बैठक
18 स्वयंसेवी संस्थाओं को दिए दिशा निर्देश