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अब इंटर में 50 प्रतिशत अंक वालों को भी छात्रवृत्ति
Updated Thu, 07 Jun 2018 02:05 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के इंटरमीडिएट में 50 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति मिलेगी। इससे पहले 60 प्रतिशत अंक लाने वालों को ही छात्रवृत्ति मिलती थी। इससे प्रदेश के सैकड़ों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
बोर्ड के प्रभारी सचिव एनसी पाठक ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से इस बार इंटर में 50 प्रतिशत अंक हासिल करने वालों को भी छात्रवृत्ति दी जाएगी। ये छात्रवृत्ति बीएससी, बीकॉम, बीए, बीटेक, एमबीबीएस आदि डिग्री कोर्सों के लिए दी जाती है।
प्रदेश में अधिकतम 616 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति में शामिल किया जाता हैं, जिनमें 308 बालक और 308 बालिकाएं शामिल हैं। ये छात्रवृत्ति मंत्रालय की ओर से सीधे विद्यार्थियों को दी जाती है। इसमें यदि विद्यार्थी छात्रवृत्ति के चयनित हो जाता है तो पहले तीन वर्षों में दस हजार रुपये प्रतिवर्ष और चौथे एवं पांचवें वर्ष में बीस हजार रुपये प्रतिवर्ष दी जाती है। छात्रवृत्ति में आरक्षण की व्यवस्था केंद्र सरकार की ओर से ही होती है।
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उन्होंने कहा कि इसमें हर वर्ष 50 प्रतिशत अंक लाने के साथ ही कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति होना अनिवार्य है। अन्यथा छात्रवृत्ति स्वत: ही निरस्त हो जाएगी। इसमें हर वर्ष छात्रवृत्ति नवीनीकरण की जाती है। इसमें छह लाख से अधिक सालाना आय वाले अभिभावकों के बच्चे शामिल नहीं होंगे।
- अभी तक 60 प्रतिशत अंक वाले बच्चों को ही मिलती थी छात्रवृत्ति
- हर वर्ष 50 प्रतिशत अंक और 75 प्रतिशत उपस्थिति होना जरूरी
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बोर्ड के प्रभारी सचिव एनसी पाठक ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से इस बार इंटर में 50 प्रतिशत अंक हासिल करने वालों को भी छात्रवृत्ति दी जाएगी। ये छात्रवृत्ति बीएससी, बीकॉम, बीए, बीटेक, एमबीबीएस आदि डिग्री कोर्सों के लिए दी जाती है।
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प्रदेश में अधिकतम 616 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति में शामिल किया जाता हैं, जिनमें 308 बालक और 308 बालिकाएं शामिल हैं। ये छात्रवृत्ति मंत्रालय की ओर से सीधे विद्यार्थियों को दी जाती है। इसमें यदि विद्यार्थी छात्रवृत्ति के चयनित हो जाता है तो पहले तीन वर्षों में दस हजार रुपये प्रतिवर्ष और चौथे एवं पांचवें वर्ष में बीस हजार रुपये प्रतिवर्ष दी जाती है। छात्रवृत्ति में आरक्षण की व्यवस्था केंद्र सरकार की ओर से ही होती है।
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उन्होंने कहा कि इसमें हर वर्ष 50 प्रतिशत अंक लाने के साथ ही कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति होना अनिवार्य है। अन्यथा छात्रवृत्ति स्वत: ही निरस्त हो जाएगी। इसमें हर वर्ष छात्रवृत्ति नवीनीकरण की जाती है। इसमें छह लाख से अधिक सालाना आय वाले अभिभावकों के बच्चे शामिल नहीं होंगे।
- अभी तक 60 प्रतिशत अंक वाले बच्चों को ही मिलती थी छात्रवृत्ति
- हर वर्ष 50 प्रतिशत अंक और 75 प्रतिशत उपस्थिति होना जरूरी