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माइक्रोस्कोप का विकल्प है फोल्डस्कोप: प्रो सती
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:09 AM IST
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नैनीताल। बायोटेक्नोलॉजी विभाग भारत सरकार की ओर से नई दिल्ली में फोल्डस्कोप आधारित कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें कुमाऊं विश्वविद्यालय डीएसबी परिसर के वनस्पति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. एससी सती, डॉ. कपिल खुल्बेे ने भी प्रतिभाग किया।
कार्यशाला से प्रतिभाग कर लौटे दोनों प्राध्यापकों ने बताया कि फोल्डस्कोप कागज, लैंस, चुंबकों से बहुत कम लागत में बना सूक्ष्मदर्शी यंत्र है। फोल्डस्कोप को किसी भी स्मार्ट फोन से संयोजित कर अति सूक्ष्म जीवों के चित्र लिए जा सकते हैं जो कि सूक्ष्म जीवों के अध्ययन में बहुत कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि इस यंत्र का आविष्कार अमेरिका में स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय में कार्यरत भारतीय मूल के डॉ. मनु प्रकाश, डॉ. जिम साइबुलस्की ने किया है। इसका निर्माण भी वही कर रहे हैं। इस यंत्र की क्षमता, उपयोगिता से प्रभावित होकर भारत सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत सरकार के वरिष्ठ वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के विजय राघवन ने इसे भारत में लोकप्रिय बनाने के लिए स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय से करार किया है। इसी क्रम में डॉ. जिम, प्रो. राघवन की अध्यक्षता में संचालित कार्यशाला में कार्य करने के लिए भारत सरकार के बायोटेक्नोलाजी विभाग नई दिल्ली ने प्रो. सती, डॉ. खुल्बे सहित सभी प्रतिभागियों को आठ-आठ लाख रुपये का शोध अनुदान भी दिया। वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो. नीरजा पांडे आदि सहयोगियों द्वारा फोल्डस्कोप, अनुदान मिलने पर खुशी जताई है। उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह सूक्ष्मदर्शी यंत्र सूक्ष्म जीवविज्ञान में मील का पत्थर साबित होगा।
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कार्यशाला से प्रतिभाग कर लौटे दोनों प्राध्यापकों ने बताया कि फोल्डस्कोप कागज, लैंस, चुंबकों से बहुत कम लागत में बना सूक्ष्मदर्शी यंत्र है। फोल्डस्कोप को किसी भी स्मार्ट फोन से संयोजित कर अति सूक्ष्म जीवों के चित्र लिए जा सकते हैं जो कि सूक्ष्म जीवों के अध्ययन में बहुत कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि इस यंत्र का आविष्कार अमेरिका में स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय में कार्यरत भारतीय मूल के डॉ. मनु प्रकाश, डॉ. जिम साइबुलस्की ने किया है। इसका निर्माण भी वही कर रहे हैं। इस यंत्र की क्षमता, उपयोगिता से प्रभावित होकर भारत सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत सरकार के वरिष्ठ वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के विजय राघवन ने इसे भारत में लोकप्रिय बनाने के लिए स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय से करार किया है। इसी क्रम में डॉ. जिम, प्रो. राघवन की अध्यक्षता में संचालित कार्यशाला में कार्य करने के लिए भारत सरकार के बायोटेक्नोलाजी विभाग नई दिल्ली ने प्रो. सती, डॉ. खुल्बे सहित सभी प्रतिभागियों को आठ-आठ लाख रुपये का शोध अनुदान भी दिया। वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो. नीरजा पांडे आदि सहयोगियों द्वारा फोल्डस्कोप, अनुदान मिलने पर खुशी जताई है। उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह सूक्ष्मदर्शी यंत्र सूक्ष्म जीवविज्ञान में मील का पत्थर साबित होगा।
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