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ऑनलाइन फार्म भरने पर अवैध वसूली
Updated Fri, 23 Feb 2018 02:28 AM IST
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय का परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरने के लिए तमाम विद्यार्थी अवैध उगाही का शिकार हो रहे हैं। यह फार्म भरना सोशल साइट देखने जितना आसान होने के बावजूद साइबर कैफे संचालक उनसे 200 रुपये तक वसूल रहे हैं, जबकि छात्र सिर्फ दस रुपये में खुद अपना फार्म भर सकते हैं।
देश डिजिटल युग की ओर बढ़ रहा है। बैंक से लेकर स्कूल-कॉलेज तक ऑनलाइन हो रहे हैं। कुविवि में अधिकतर काम ऑनलाइन किया जा रहा है। प्रवेश फार्म से लेकर परीक्षा फार्म, फीस जमा करना सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है। इसे विडंबना ही कहेंगे कि स्नातक, परास्नातक, शोध छात्र भी अपना फार्म खुद नहीं भर पा रहे हैं। कुछ छात्र ही ऐसे हैं, जो अपना फार्म स्वयं भर पा रहे हैं। 90 प्रतिशत तक छात्र कंप्यूटर कैफे संचालकों पर निर्भर हैं, जबकि कैफे संचालक उनसे फार्म भरने, फीस जमा करने पर 200 रुपये तक वसूल रहे हैं जबकि विद्यार्थी अपने मोबाइल या लैपटॉप से दस रुपये खर्च कर खुद अपना फार्म भर सकते हैं। अगर मोबाइल या लेपटॉप नहीं है तो छात्र किसी भी कैफे पर बैठ कर आधे घंटे में अपना फार्म भर सकते हैं। इसके लिए उन्हें 30 रुपये देने होंगे। कुछ लोग फीस जमा करने के लिए परेशान हो रहे हैं जबकि कुछ लोग दस्तावेज स्कैन कराने के लिए जबकि आधे से ज्यादा छात्रों के पास स्मार्टफोन या लेपटॉप हैं, लेकिन यह छात्र ऑनलाइन पेमेंट भी नहीं कर पा रहे हैं।
साइबर कैफे संचालक 200 रुपये तक वसूल रहे
कुलपति ने कहा, भविष्य में अच्छे परिणाम सामने आएंगे
छात्र बोले और सरल होना चाहिए फार्म
विवि की ओर से ऑनलाइन फार्म व्यवस्था शुरू की गई है। छात्र अपना फार्म खुद ऑनलाइन भरने में डरते हैं कि कहीं कोई गड़बड़ी न हो जाए। ऐसे में कैफे वाले उनसे ज्यादा पैसे वसूल कर रहे हैं। कुविवि ऑनलाइन फार्म को और सरल करे। हम कुलपति से इस संबंध में मांग कर चुके हैं।
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- पूरन महरा, छात्र संघ अध्यक्ष
आज अधिकांश कार्य इंटरनेट से हो रहे हैं। ऐसे में छात्रों को भी इंटरनेट की दुनिया में अपने पैर जमाने की जरूरत है। छात्र इंटरनेट के विषय में बहुत कुछ जानते हैं, लेकिन वह ऑनलाइन फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं।
- मुनीब रहमान, छात्र परास्नातक
ऑनलाइन फार्म भरने की व्यवस्था तो अच्छी है, लेकिन छात्र अपना फार्म खुद नहीं भर पा रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि तमाम छात्र दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। कई गांवों में इंटरनेट सेवा ठीक नहीं है।
- दीपक कुमार -छात्र परास्नातक
- विद्यार्थी खुद फार्म भर इंटरनेट की ट्रेनिंग लें
कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने बताया कि ऑनलाइन व्यवस्था छात्रों के लिए काफी उपयोगी है। छात्रों को अपना फार्म खुद भरना चाहिए क्योंकि अब इंटरनेट का जमाना है। ऐसे में छात्र अगर अपना फार्म खुद नहीं भरेंगे तो इंटरनेट चलाना कैसे सीखेंगे। विद्यार्थी अपना फार्म खुद भरें और इंटरनेट को बारीकी से जानें। विवि का फार्म भरना वाट्सएप चलाने जितना आसान है। छात्र डरें नहीं। अपना फार्म खुद भरें।
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देश डिजिटल युग की ओर बढ़ रहा है। बैंक से लेकर स्कूल-कॉलेज तक ऑनलाइन हो रहे हैं। कुविवि में अधिकतर काम ऑनलाइन किया जा रहा है। प्रवेश फार्म से लेकर परीक्षा फार्म, फीस जमा करना सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है। इसे विडंबना ही कहेंगे कि स्नातक, परास्नातक, शोध छात्र भी अपना फार्म खुद नहीं भर पा रहे हैं। कुछ छात्र ही ऐसे हैं, जो अपना फार्म स्वयं भर पा रहे हैं। 90 प्रतिशत तक छात्र कंप्यूटर कैफे संचालकों पर निर्भर हैं, जबकि कैफे संचालक उनसे फार्म भरने, फीस जमा करने पर 200 रुपये तक वसूल रहे हैं जबकि विद्यार्थी अपने मोबाइल या लैपटॉप से दस रुपये खर्च कर खुद अपना फार्म भर सकते हैं। अगर मोबाइल या लेपटॉप नहीं है तो छात्र किसी भी कैफे पर बैठ कर आधे घंटे में अपना फार्म भर सकते हैं। इसके लिए उन्हें 30 रुपये देने होंगे। कुछ लोग फीस जमा करने के लिए परेशान हो रहे हैं जबकि कुछ लोग दस्तावेज स्कैन कराने के लिए जबकि आधे से ज्यादा छात्रों के पास स्मार्टफोन या लेपटॉप हैं, लेकिन यह छात्र ऑनलाइन पेमेंट भी नहीं कर पा रहे हैं।
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साइबर कैफे संचालक 200 रुपये तक वसूल रहे
कुलपति ने कहा, भविष्य में अच्छे परिणाम सामने आएंगे
छात्र बोले और सरल होना चाहिए फार्म
विवि की ओर से ऑनलाइन फार्म व्यवस्था शुरू की गई है। छात्र अपना फार्म खुद ऑनलाइन भरने में डरते हैं कि कहीं कोई गड़बड़ी न हो जाए। ऐसे में कैफे वाले उनसे ज्यादा पैसे वसूल कर रहे हैं। कुविवि ऑनलाइन फार्म को और सरल करे। हम कुलपति से इस संबंध में मांग कर चुके हैं।
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- पूरन महरा, छात्र संघ अध्यक्ष
आज अधिकांश कार्य इंटरनेट से हो रहे हैं। ऐसे में छात्रों को भी इंटरनेट की दुनिया में अपने पैर जमाने की जरूरत है। छात्र इंटरनेट के विषय में बहुत कुछ जानते हैं, लेकिन वह ऑनलाइन फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं।
- मुनीब रहमान, छात्र परास्नातक
ऑनलाइन फार्म भरने की व्यवस्था तो अच्छी है, लेकिन छात्र अपना फार्म खुद नहीं भर पा रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि तमाम छात्र दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। कई गांवों में इंटरनेट सेवा ठीक नहीं है।
- दीपक कुमार -छात्र परास्नातक
- विद्यार्थी खुद फार्म भर इंटरनेट की ट्रेनिंग लें
कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने बताया कि ऑनलाइन व्यवस्था छात्रों के लिए काफी उपयोगी है। छात्रों को अपना फार्म खुद भरना चाहिए क्योंकि अब इंटरनेट का जमाना है। ऐसे में छात्र अगर अपना फार्म खुद नहीं भरेंगे तो इंटरनेट चलाना कैसे सीखेंगे। विद्यार्थी अपना फार्म खुद भरें और इंटरनेट को बारीकी से जानें। विवि का फार्म भरना वाट्सएप चलाने जितना आसान है। छात्र डरें नहीं। अपना फार्म खुद भरें।