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मैदान में आते ही पहाड़ के लाल ने दिखाया कमाल
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:41 AM IST
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बैंखटीमा। पिथौरागढ़ जिले के पपदेव गांव निवासी जांबाज जवान मुकेश वर्मा की 12 वर्ष की नौकरी पहाड़ में ही बीती है। मैदानी जिले में यह उनकी पहली नियुक्ति है। मैदान में आते ही मुकेश वर्मा ने बैंक में बड़ी चोरी होने से बचा ली। इसके लिए उन्हें चोरों से गुत्थमगुत्था भी करनी पड़ी और पीछे से वार का सामना भी करना पड़ा।
पपदेव गांव निवासी किशोरी लाल वर्मा के दो पुत्र हैं दोनों ही उत्तराखंड पुलिस में तैनात हैं। मुुकेश के बड़े भाई योगेश वर्मा वर्तमान में पुलभट्टा चौकी में तैनात हैं। नौकरी के 12 वर्ष बागेश्वर जिले में बिताने वाले मुकेश को अक्तूबर 2017 में यहां सत्रहमील चौकी में तैनाती मिली। मुकेश ने इससे पहले भी वर्ष 2008 में कपकोट में कीड़ा जड़ी तस्कर सहित एक किलो कीड़ा जड़ी पकड़ने वाली पुलिस टीम में शामिल थे। कांस्टेबल वर्मा ने मैदानी जिले में तैनाती लेते ही बड़ी सफलता प्राप्त की। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए फर्ज अदा कर बैंक में हो रही चोरी को बचाया।
पुलिस पर हुए अब तक के बड़े हमले
खटीमा। ऊधमसिंह नगर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ का यह नया मामला नहीं है। 12 दिसंबर 2015 को गदरपुर थाना क्षेत्र में गश्त पर तैनात कांस्टेबल बसंत बोरा की पशु तस्करों ने वाहन से कुचलकर हत्या कर दी थी। अब तक जिले में पुलिस पर हमले की करीब 50 वारदातें हो चुकी हैं।
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- पांच अक्तूबर 2014 को शक्तिफार्म में 46वीं वाहिनी पीएसी कर्मी पर हमला।
- 11 सितंबर 2014 को सितारगंज में गश्त के दौरान पुलिस कर्मी से मारपीट।
- चार मार्च 2015 में सितारगंज में शराब तस्करों की तलाश कर रही पुलिस पर हमला।
- एक जून 2015 को काशीपुर के मानपुर में अवैध खनन रोकने गई पुलिस टीम पर हमला।
- 29 जुलाई 2015 को नशेड़ियों को पकड़ने गए रम्पुरा चौकी इंचार्ज पर हमला।
- 21 अगस्त 2015 को जसपुर ठेकेदार से मारपीट के दौरान बीच बचाव कर रहे पुलिस कर्मियों पर हमला।
- छह दिसंबर 2015 को किच्छा के कोटखर्रा गांव में शराब माफिया को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला।
- 12 दिसंबर 2015 को गदरपुर थाना क्षेत्र में गश्त पर तैनात कांस्टेबल बसंत बोरा की पशु तस्करों ने वाहन से कुचलकर हत्या की।
- 19 दिसंबर 2015 को जसपुर में शराब की दुकान के आगे हंगामा कर रहे दबंगों ने पुलिस पुलिस पर हमला किया।
- 31 दिसंबर 2015 को रुद्रपुर के रम्पुरा चौकी पुलिस ने सटोरिये को छुड़ाने के लिए चौकी पर पथराव।
- सात जून 2016 को बाइक चोर की तलाश में तेल मिल दबिश को गई पुलिस टीम पर हमला।
- 27 नवंबर को परशुराम चौक में ड्यूटी में तैनात होमगार्ड पर वाटर सप्लायर कर्मी ने किया हमला।
- तीन नवंबर 2017 को इंदिरा चौक पर चेकिंग कर रहे सीपीयू कर्मियों पर चालक ने किया हमला।
- 17 नवंबर 2017 को परशुराम चौक पर ड्यूटी में तैनात होमगार्ड गज्जन सिंह पर बाइक सवार युवकों ने पत्थर से किया हमला।
- 26 जनवरी 2018 को रुद्रपुर में शराब तस्कर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर पथराव।
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पपदेव गांव निवासी किशोरी लाल वर्मा के दो पुत्र हैं दोनों ही उत्तराखंड पुलिस में तैनात हैं। मुुकेश के बड़े भाई योगेश वर्मा वर्तमान में पुलभट्टा चौकी में तैनात हैं। नौकरी के 12 वर्ष बागेश्वर जिले में बिताने वाले मुकेश को अक्तूबर 2017 में यहां सत्रहमील चौकी में तैनाती मिली। मुकेश ने इससे पहले भी वर्ष 2008 में कपकोट में कीड़ा जड़ी तस्कर सहित एक किलो कीड़ा जड़ी पकड़ने वाली पुलिस टीम में शामिल थे। कांस्टेबल वर्मा ने मैदानी जिले में तैनाती लेते ही बड़ी सफलता प्राप्त की। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए फर्ज अदा कर बैंक में हो रही चोरी को बचाया।
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पुलिस पर हुए अब तक के बड़े हमले
खटीमा। ऊधमसिंह नगर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ का यह नया मामला नहीं है। 12 दिसंबर 2015 को गदरपुर थाना क्षेत्र में गश्त पर तैनात कांस्टेबल बसंत बोरा की पशु तस्करों ने वाहन से कुचलकर हत्या कर दी थी। अब तक जिले में पुलिस पर हमले की करीब 50 वारदातें हो चुकी हैं।
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- पांच अक्तूबर 2014 को शक्तिफार्म में 46वीं वाहिनी पीएसी कर्मी पर हमला।
- 11 सितंबर 2014 को सितारगंज में गश्त के दौरान पुलिस कर्मी से मारपीट।
- चार मार्च 2015 में सितारगंज में शराब तस्करों की तलाश कर रही पुलिस पर हमला।
- एक जून 2015 को काशीपुर के मानपुर में अवैध खनन रोकने गई पुलिस टीम पर हमला।
- 29 जुलाई 2015 को नशेड़ियों को पकड़ने गए रम्पुरा चौकी इंचार्ज पर हमला।
- 21 अगस्त 2015 को जसपुर ठेकेदार से मारपीट के दौरान बीच बचाव कर रहे पुलिस कर्मियों पर हमला।
- छह दिसंबर 2015 को किच्छा के कोटखर्रा गांव में शराब माफिया को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला।
- 12 दिसंबर 2015 को गदरपुर थाना क्षेत्र में गश्त पर तैनात कांस्टेबल बसंत बोरा की पशु तस्करों ने वाहन से कुचलकर हत्या की।
- 19 दिसंबर 2015 को जसपुर में शराब की दुकान के आगे हंगामा कर रहे दबंगों ने पुलिस पुलिस पर हमला किया।
- 31 दिसंबर 2015 को रुद्रपुर के रम्पुरा चौकी पुलिस ने सटोरिये को छुड़ाने के लिए चौकी पर पथराव।
- सात जून 2016 को बाइक चोर की तलाश में तेल मिल दबिश को गई पुलिस टीम पर हमला।
- 27 नवंबर को परशुराम चौक में ड्यूटी में तैनात होमगार्ड पर वाटर सप्लायर कर्मी ने किया हमला।
- तीन नवंबर 2017 को इंदिरा चौक पर चेकिंग कर रहे सीपीयू कर्मियों पर चालक ने किया हमला।
- 17 नवंबर 2017 को परशुराम चौक पर ड्यूटी में तैनात होमगार्ड गज्जन सिंह पर बाइक सवार युवकों ने पत्थर से किया हमला।
- 26 जनवरी 2018 को रुद्रपुर में शराब तस्कर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर पथराव।