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जून में शुरू होगा बलियानाले का ट्रीटमेंट
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नैनीताल। बलियानाले का ट्रीटमेंट जून में शुरू होगा। देहरादून में सोमवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में डीएम विनोद कुमार सुमन को यह निर्देश दिये गए हैं। फिलहाल यह ट्रीटमेंट अस्थायी होगा। इसके तहत पौधरोपण, पानी का डायवर्जन, जीओ नेटिंग, विस्थापन समेत छह बिंदुओं पर कार्य किया जाएगा। इसके बाद भूस्खलन का स्थायी हल निकालने के लिए जायका की टीम अगले वर्ष ट्रीटमेंट करेगी।
पिछले कई वर्षों के दौरान हर बारिश में बलियानाले में भूस्खलन होता रहा है। इससे नैनीताल को भी खतरा बताया जाने लगा है। पिछले वर्ष 10 से ज्यादा घर नाले में समा गए थे। 22 से ज्यादा लोगों को विस्थापित करना पड़ा था। इस वर्ष भी खतरा बरकरार है। अब बरसात शुरू होने में करीब 50 दिन बचे हैं। ऐसे में समस्या के समाधान के लिए सोमवार को देहरादून में सीएस कुमार के साथ डीएम सुमन की बैठक हुई। इसमें डीएम ने सीएस को पूरी जानकारी दी। इसके बाद सीएस ने निर्देश दिये कि पहले नाले का अस्थायी समाधान कर लिया जाए ताकि बारिश के दौरान लोगों को भयमुक्त मुक्त रखा जा सके। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के माध्यम से जून में ट्रीटमेंट शुरू करा दिया जाए। इसके तहत खतरे की जद में आए मकानों में रहने वालों को विस्थापित कर दिया जाए। सिंचाई विभाग यहां भूकटाव रोकने वाले पौधे लगवाए। ताकि बारिश के दौरान खतरे को कम किया जा सके। पानी का डायवर्जन किया जाए और जीओ नेटिंग का प्रयोग किया जाए। बैठक के दौरान कहा गया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए जायका की टीम का सर्वे चल रहा है, जो मई तक चलेगा। फिर छह महीने के दौरान जायका डीपीआर बनाएगी। डीपीआर के आधार पर शासन से पैसा जारी होगा और इसके बाद बलियानाले में भूस्खलन का स्थायी समाधान कर ट्रीटमेंट शुरू किया जाएगा।
जून में शुरू होगा बलियानाले का ट्रीटमेंट
देहरादून में हुई बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने दिये निर्देश
खतरे की जद में आए मकानों में रहने वालों को विस्थापित किया जाएगा
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पिछले कई वर्षों के दौरान हर बारिश में बलियानाले में भूस्खलन होता रहा है। इससे नैनीताल को भी खतरा बताया जाने लगा है। पिछले वर्ष 10 से ज्यादा घर नाले में समा गए थे। 22 से ज्यादा लोगों को विस्थापित करना पड़ा था। इस वर्ष भी खतरा बरकरार है। अब बरसात शुरू होने में करीब 50 दिन बचे हैं। ऐसे में समस्या के समाधान के लिए सोमवार को देहरादून में सीएस कुमार के साथ डीएम सुमन की बैठक हुई। इसमें डीएम ने सीएस को पूरी जानकारी दी। इसके बाद सीएस ने निर्देश दिये कि पहले नाले का अस्थायी समाधान कर लिया जाए ताकि बारिश के दौरान लोगों को भयमुक्त मुक्त रखा जा सके। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के माध्यम से जून में ट्रीटमेंट शुरू करा दिया जाए। इसके तहत खतरे की जद में आए मकानों में रहने वालों को विस्थापित कर दिया जाए। सिंचाई विभाग यहां भूकटाव रोकने वाले पौधे लगवाए। ताकि बारिश के दौरान खतरे को कम किया जा सके। पानी का डायवर्जन किया जाए और जीओ नेटिंग का प्रयोग किया जाए। बैठक के दौरान कहा गया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए जायका की टीम का सर्वे चल रहा है, जो मई तक चलेगा। फिर छह महीने के दौरान जायका डीपीआर बनाएगी। डीपीआर के आधार पर शासन से पैसा जारी होगा और इसके बाद बलियानाले में भूस्खलन का स्थायी समाधान कर ट्रीटमेंट शुरू किया जाएगा।
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जून में शुरू होगा बलियानाले का ट्रीटमेंट
देहरादून में हुई बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने दिये निर्देश
खतरे की जद में आए मकानों में रहने वालों को विस्थापित किया जाएगा