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महिला अस्पताल में दस और बेड बढ़ाए गए

Fri, 22 Feb 2019 01:59 AM IST
madan singh Madan Singh
Updated Fri, 22 Feb 2019 01:59 AM IST
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महिला अस्पताल में दस और बेड बढ़ाए गए
अमरोहा के मरीजों को छुट्टी देने के बाद जिला अस्पताल में खाली पड़े बेड। संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते बंद पड़ा टीकाकरण कक्ष। अमर उजाला - फोटो : amar ujala
हल्द्वानी। निजी अस्पतालों में सातवें दिन भी स्वत: बंदी के चलते सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव बढ़ता जा रहा है। 30 बेड के महिला अस्पताल में दस बेड और बढ़ाए गए हैं। नवंबर में लोकार्पण के बावजूद महिला चिकित्सालय में सौ बेड की सेवाएं अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं।
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महिला अस्पताल में प्रतिदिन 500 से 600 मरीज ओपीडी में आते हैं। एक दिन में 10 से 15 प्रसव होते हैं। 28 नवंबर को मुख्यमंत्री ने महिला अस्पताल के नए भवन का लोकार्पण किया था। यहां सौ बेड होने का दावा किया जा रहा था, लेकिन यहां अभी महज 30 बेड की सुविधा ही मिल रही है। डीएम से धनराशि मिलने के बाद 70 नए बेड, बेड साइड लॉकर, तीमारदार के बेड, ओवर बेड टेबल, मानीटर के अलावा अन्य सामान खरीदने के लिए टेंडर हुए हैं। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. भागीरथी जोशी का कहना है कि इस माह के अंत तक सारा सामान आ जाएगा। एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत का कहना है कि मरीजों के दबाव को देखते हुए 10 बेड और बढ़ा दिए हैं।
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महिला अस्पताल में दस और बेड बढ़ाए
लोकार्पण के बाद भी सौ बेड का अस्पताल पूरी तरह नहीं चल रहा है
इस माह के अंत तक बेड आने की संभावना

एमआरआई के लिए तीन माह बाद की डेट
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में मरीजों को एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए महीनों इंतजार करना पड़ेगा। उन्हें अप्रैल तक की डेट दी गई है। सबसे अधिक मरीज भी एसटीएच पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से मेडिसिन और गायनी वार्ड पैक हो चुके हैं। मरीजों को त्वचा रोग वार्ड और वार्ड के में शिफ्ट किया जा रहा है। साथ ही एनेक्सी में पड़े बेडों पर भी मरीजों को शिफ्ट किया जा रहा है।
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1. एसटीएच में 1550 मरीज ओपीडी में आए। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 18 प्रसव किए गए।
2. एसटीएच में 564 मरीज भर्ती किए गए। जबकि इमरजेंसी में देर शाम तक 105 मरीज पहुंचे।
3. 30 एमआरआई, 35 सीटी स्कैन, 240 एक्सरे और 693 मरीजों की जांच हुई।
4. बेस अस्पताल में 100 मरीज ओपीडी में आए और 30 मरीज भर्ती हुए। अधिकांश बेड खाली पड़े थे।
5. महिला अस्पताल में 450 मरीज ओपीडी में आए और 16 प्रसव किए गए।

40 महिलाएं बिना अल्ट्रासाउंड के लौटी
हल्द्वानी। महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं होने से बृहस्पतिवार को 40 महिलाओं को लौटना पड़ गया। हालांकि आठ से नौ माह की गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल भेजा गया है। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि बेस अस्पताल में 15 महिलाओं के अल्ट्रासाउंड हुए। सोमवार से महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड होंगे। ब्यूरो


बेस में नहीं किया मरीज का ईसीजी
हल्द्वानी। तबियत बिगड़ने पर भाई को बेस अस्पताल लेकर पहुंचे तीमारदार को डॉक्टरों ने बिना ईसीजी किए लौटा दिया। तर्क दिया कि बेस अस्पताल में फिजीशियन नहीं है और यहां ईसीजी नहीं हो रहा है। तीमारदार मरीज को लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचा और ईसीजी कराया। ब्यूरो



सात दिन में करोड़ों का नुकसान
हल्द्वानी। स्वत: बंदी के चलते निजी अस्पताल, क्लीनिकों, पैथालाजी और डायग्नोस्टिक सेंटरों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। निजी अस्पताल और क्लीनिक मिलाकर लगभग 30 हैं, जबकि 58 पैथालाजी है और 10 से अधिक डायग्नोस्टिक सेंटर। निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को एक दिन में लगभग 30 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। सात दिनों में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को दो करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। पैथालाजी को भी सात दिनों के भीतर लगभग 40 लाख रुपये अधिक का नुकसान हुआ है। डायग्नोस्टिक सेंटरों को भी सात दिनों में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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