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31 को अतिथि शिक्षकों के सेवा समाप्त, अधर में लटक जाएगा छात्र-छात्राओं का भविष्य
Updated Sun, 25 Mar 2018 02:46 AM IST
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पतलोट (नैनीताल)। पहाड़ों में एक बार फिर से शिक्षा विभाग की लाचार शिक्षा प्रणाली के चलते ओखलकांडा ब्लॉक के दूरस्थ गांवों के 17 इंटर कॉलेजों, नौ हाइस्कूलों में तैनात 130 से अधिक अतिथि शिक्षकों की 31 मार्च को सेवा समाप्त हो जाएगी। अतिथि शिक्षकों की विद्यालयों में सेवा समाप्त होने के चलते अप्रैल में शुरू होने जाने रहे नए शिक्षा सत्र में छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटकता दिख रहा है। इसको लेकर जहां अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग द्वारा अतिथि शिक्षकों की समाप्त सेवा को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
ओखलकांडा ब्लॉक के अधिकांश शिक्षक विहीन विद्यालयों में वर्ष 2017 के अगस्त में 130 से अधिक अतिथि शिक्षकों के पहुंचने से छात्र-छात्राओं हर विषय में शिक्षा पाठन का कार्य सुचारु रूप से चलाया गया। इन्हीं अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के चलते बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी के लिए बेसिक, प्राथमिक के शिक्षकों को राहत मिली। अप्रैल के नए शिक्षा सत्र में विद्यालयों में शिक्षकों के न होने के चलते छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई, भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है। पूर्व एसएमसी अध्यक्ष बाला दत्त परगांई बताते हैं कि हाइस्कूल, इंटर कॉलेजों में वर्ष 2017-18 के मध्य बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकार, शिक्षा विभाग द्वारा अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था कर शिक्षा प्रणाली काफी सफल रही, लेकिन 31 मार्च को शिक्षकों की सेवा समाप्त होने के चलते ओखलकांडा ब्लॉक में 60 प्रतिशत शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। सूनी के प्रधान रोशन सिंह लमगड़िया ने कहा कि शिक्षकों की तैनाती के लिए क्षेत्र पंचायत से कई बार प्रस्ताव भेजा था। डालकन्या इंटर कॉलेज की कक्षा 12वीं की छात्रा नीमा चौहान ने बताया शिक्षकों के होने से उन्हें पढ़ाई करने का मौका मिला, लेकिन 31 मार्च को चार शिक्षकों की सेवा समाप्त होने से स्कूल में सिर्फ एक प्रवक्ता और दो सहायक अध्यापक रह जाएंगे।
ओखलकांडा के 17 इंटर कॉलेज, नौ हाइस्कूलों में 130 से अधिक अतिथि शिक्षकों की तैनाती
अप्रैल से शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र के लिए स्कूली छात्र-छात्राओं को वंचित रहना पड़ेगा
1- पहाड़ों में अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त होने से समस्या पैदा हो जाएगी। सरकार और शिक्षा विभाग जल्द शिक्षकों की तैनाती कर पहाड़ की समस्या हल करे।
- दिनेश चंद्र टम्टा, जिलाध्यक्ष अतिथि संघ, नैनीताल।
2- मैंने विधानसभा सत्र में पहाड़ों के स्कूलों में स्थायी रूप से शिक्षकों की तैनाती की मांग की है। शिक्षा विभाग से बात कर समस्या का हल करूंगा।
- राम सिंह कैड़ा, विधायक, भीमताल।
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ओखलकांडा ब्लॉक के अधिकांश शिक्षक विहीन विद्यालयों में वर्ष 2017 के अगस्त में 130 से अधिक अतिथि शिक्षकों के पहुंचने से छात्र-छात्राओं हर विषय में शिक्षा पाठन का कार्य सुचारु रूप से चलाया गया। इन्हीं अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के चलते बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी के लिए बेसिक, प्राथमिक के शिक्षकों को राहत मिली। अप्रैल के नए शिक्षा सत्र में विद्यालयों में शिक्षकों के न होने के चलते छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई, भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है। पूर्व एसएमसी अध्यक्ष बाला दत्त परगांई बताते हैं कि हाइस्कूल, इंटर कॉलेजों में वर्ष 2017-18 के मध्य बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकार, शिक्षा विभाग द्वारा अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था कर शिक्षा प्रणाली काफी सफल रही, लेकिन 31 मार्च को शिक्षकों की सेवा समाप्त होने के चलते ओखलकांडा ब्लॉक में 60 प्रतिशत शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। सूनी के प्रधान रोशन सिंह लमगड़िया ने कहा कि शिक्षकों की तैनाती के लिए क्षेत्र पंचायत से कई बार प्रस्ताव भेजा था। डालकन्या इंटर कॉलेज की कक्षा 12वीं की छात्रा नीमा चौहान ने बताया शिक्षकों के होने से उन्हें पढ़ाई करने का मौका मिला, लेकिन 31 मार्च को चार शिक्षकों की सेवा समाप्त होने से स्कूल में सिर्फ एक प्रवक्ता और दो सहायक अध्यापक रह जाएंगे।
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ओखलकांडा के 17 इंटर कॉलेज, नौ हाइस्कूलों में 130 से अधिक अतिथि शिक्षकों की तैनाती
अप्रैल से शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र के लिए स्कूली छात्र-छात्राओं को वंचित रहना पड़ेगा
1- पहाड़ों में अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त होने से समस्या पैदा हो जाएगी। सरकार और शिक्षा विभाग जल्द शिक्षकों की तैनाती कर पहाड़ की समस्या हल करे।
- दिनेश चंद्र टम्टा, जिलाध्यक्ष अतिथि संघ, नैनीताल।
2- मैंने विधानसभा सत्र में पहाड़ों के स्कूलों में स्थायी रूप से शिक्षकों की तैनाती की मांग की है। शिक्षा विभाग से बात कर समस्या का हल करूंगा।
- राम सिंह कैड़ा, विधायक, भीमताल।