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आरटीओ के अल्मोड़ा जोन को छोड़ दिया लावारिस
Updated Thu, 24 Aug 2017 02:44 AM IST
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हल्द्वानी। परिवहन विभाग के अफसरों के पहाड़ न चढ़ने की प्रवृत्ति से अल्मोड़ा जोन में अव्यवस्था फैल रही है। अफसरों के टोटे के बीच इस जोन को अधिकारियों के अतिरिक्त प्रभार के रूप में जुगाड़ व्यवस्था से चलाया जा रहा है। यहां आरटीओ समेत एआरटीओ के तीन पद रिक्त हैं।
उत्तराखंड में परिवहन विभाग के चार जोनों देहरादून, पौड़ी, हल्द्वानी और अल्मोड़ा को दो जोन में तब्दील करने की चर्चाएं चल रही हैं। लेकिन सरकार ने ही अल्मोड़ा जोन को लावारिस की तरह छोड़ रखा है। विभागीय अधिकारी भी इस पर्वतीय क्षेत्र को काला समझते हुए यहां तैनाती से बचते रहे हैं। हालात यह है कि अल्मोड़ा जोन के संभागीय कार्यालय आरटीओ समेत दोनों एआरटीओ के पद रिक्त हैं। बागेश्वर एआरटीओ को पूरी जोन का प्रभार दिया गया है। जबकि पिथौरागढ़ जिले के एआरटीओ का प्रभार टीटीओ को सौंपा गया है। पूरे जोन के एक एआरटीओ के भरोसे छोड़ने से विभागीय कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन समेत विभिन्न काम अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण पूरे नहीं हो रहे हैं। हल्द्वानी संभागीय कार्यालय में तैनात आरटीओ राजीव मेहरा को अल्मोड़ा आरटीओ कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। लेकिन दोनों जिलों के बीच करीब 100 किमी दूरी और बारिश में आये दिन मार्ग बाधित होने से वह आरटीओ भी नियमित अल्मोड़ा कार्यालय में बैठ पाते। अल्मोड़ा जोन में अधिकारियों की भारी कमी का खामियाजा जनता भुगत रही है। अधिकारियों के अभाव में नियमित प्रवर्तन कार्य न होने से भी पर्याप्त राजस्व प्राप्ति भी नहीं हो पा रही है।
रानीखेत में भी खुलेगा एआरटीओ कार्यालय
अल्मोड़ा में अधिकारियों के टोटे के बीच रानीखेत में नया एआरटीओ कार्यालय को खोलने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस कार्यालय को किराये के भवन में चलाया जाएगा।
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-जल्द ही परिवहन विभाग को पांच एआरटीओ और करीब आठ टीटीओ मिलने की उम्मीद है। इन अधिकारियों की तैनाती के बाद अल्मोड़ा जोन में अधिकारियों का टोटा खत्म हो जाएगा। जनता के विभिन्न काम आसानी से हो जाएंगे।
राजीव मेहरा, संभागीय परिवहन अधिकारी, हल्द्वानी
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उत्तराखंड में परिवहन विभाग के चार जोनों देहरादून, पौड़ी, हल्द्वानी और अल्मोड़ा को दो जोन में तब्दील करने की चर्चाएं चल रही हैं। लेकिन सरकार ने ही अल्मोड़ा जोन को लावारिस की तरह छोड़ रखा है। विभागीय अधिकारी भी इस पर्वतीय क्षेत्र को काला समझते हुए यहां तैनाती से बचते रहे हैं। हालात यह है कि अल्मोड़ा जोन के संभागीय कार्यालय आरटीओ समेत दोनों एआरटीओ के पद रिक्त हैं। बागेश्वर एआरटीओ को पूरी जोन का प्रभार दिया गया है। जबकि पिथौरागढ़ जिले के एआरटीओ का प्रभार टीटीओ को सौंपा गया है। पूरे जोन के एक एआरटीओ के भरोसे छोड़ने से विभागीय कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन समेत विभिन्न काम अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण पूरे नहीं हो रहे हैं। हल्द्वानी संभागीय कार्यालय में तैनात आरटीओ राजीव मेहरा को अल्मोड़ा आरटीओ कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। लेकिन दोनों जिलों के बीच करीब 100 किमी दूरी और बारिश में आये दिन मार्ग बाधित होने से वह आरटीओ भी नियमित अल्मोड़ा कार्यालय में बैठ पाते। अल्मोड़ा जोन में अधिकारियों की भारी कमी का खामियाजा जनता भुगत रही है। अधिकारियों के अभाव में नियमित प्रवर्तन कार्य न होने से भी पर्याप्त राजस्व प्राप्ति भी नहीं हो पा रही है।
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रानीखेत में भी खुलेगा एआरटीओ कार्यालय
अल्मोड़ा में अधिकारियों के टोटे के बीच रानीखेत में नया एआरटीओ कार्यालय को खोलने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस कार्यालय को किराये के भवन में चलाया जाएगा।
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-जल्द ही परिवहन विभाग को पांच एआरटीओ और करीब आठ टीटीओ मिलने की उम्मीद है। इन अधिकारियों की तैनाती के बाद अल्मोड़ा जोन में अधिकारियों का टोटा खत्म हो जाएगा। जनता के विभिन्न काम आसानी से हो जाएंगे।
राजीव मेहरा, संभागीय परिवहन अधिकारी, हल्द्वानी