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14 पैरावेट पशु सखी वर्करों को मिली स्कूटी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2020 01:51 AM IST
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14 paravat animal workers got scooty
हल्द्वानी स्थित एफटीआई में पशु सखियों को पशु कृत्रिम गर्भाधान हेतु स्कूटी वाहन वितरण कार्यक्रम
हल्द्वानी। पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही कृत्रिम गर्भाधान योजना के तहत 14 महिला पैरावेट पशु सखी वर्कर को पशुपालन मंत्री रेखा आर्या ने स्कूटी देकर सम्मानित किया। उन्होंने मेंटीनेंस और तेल का पैसा देने का भी वादा किया।
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सोमवार को वानिकी प्रशिक्षण संस्थान हल्द्वानी के सभागार में पशुपालन विभाग और उत्तराखंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड देहरादून की ओर से आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रम में बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ से प्रशिक्षित और चयनित 14 महिला पैरावेट पशु सखी कार्यकर्ता को स्कूटी प्रदान की गई। निदेशक पशुपालन विभाग कृष्ण कुमार जोशी ने बताया कि पशु गणना कार्यक्रम क्रियान्वयन के क्षेत्र में राज्य को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
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कार्यक्रम में मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. एमएस नयाल, ब्लॉक प्रमुख रूपा देवी, भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, संयुक्त निदेशक मुख्यालय डा. नीरज सिंघल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. प्रेम सागर भंडारी, डॉ. उदय शंकर, डॉ. गोपाल सिंह धामी, संयुक्त निदेशक डॉ. अनुज अग्रवाल, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी हल्द्वानी डॉ. डीसी जोशी, डॉ. कैलाश उनियाल, डॉ. कविता धीमान सहित कई डाक्टर मौजूद रहे।
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पशुधन बीमा पर कार्यशाला
कार्यक्रम के बाद पैरावेट को पशु बीमा के बारे में जानकारी दी गई साथ ही फार्म भरने के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रबंधक ग्राम विकास समिति डॉ. केके मिश्रा और अपर निदेशक पशुपालन विभाग कुमाऊं मंडल हल्द्वानी पूरन चंद्र कांडपाल ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक लाख पशुओं का बीमा कराया जाना है। इसी के तहत पैरावेट को प्रति पशु बीमा करने पर 50 रुपये दिए जाएंगे।

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पशुपालन जरूरी: रेखा
पशुपालन मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए किसानों को पशुपालन और मत्स्य पालन से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि 200 रुपये में लिंग वर्गीकृत वीर्य उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे गाय की सिर्फ बछिया ही होगी। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग के डॉक्टर कृत्रिम गर्भाधान करने में अपने को छोटा समझते हैं। कई डॉक्टरों को एआई करनी ही नहीं आती है। उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए पैरावेट रखे गए हैं।
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