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कमलुवागांजा नरसिंह तल्ला के ग्रामीण बोले हम जंगल के िकिनो
Updated Mon, 18 Dec 2017 02:06 AM IST
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हल्द्वानी। कमलुवागांजा नर सिंह तल्ला गांव जंगल के किनारे बसा है। इस गांव में खेती 28 प्रतिशत है। जनसंख्या 2011 के हिसाब से 845 है। इस गांव में अधिकांश जगह में कालोनी काटी गई है। कुछ मकान बन भी गए हैं लेकिन न सड़कों की सुविधा है और पानी की भी समस्या है। ये गांव निगम कार्यालय से 12 किलोमीटर दूर है।
रविवार को अमर उजाला की टीम कमलुवागांजा नर सिंह तल्ला पहुंची। यहां लोगों से नगर निगम में शामिल करने के बारे में पूछा गया तो ग्रामीणों का कहना था कि पूरे गांव का क्षेत्रफल 76.62 वर्ग किलोमीटर है। यहां की जनसंख्या 845 है। नियम है कि 250 व्यक्ति प्रति किलोमीटर जनसंख्या होनी चाहिए। लेकिन ऐसा इस गांव में नहीं है। जरूर यहां प्लाटिंग हो गई है। मकान बन रहे हैं। लेकिन कोई सुविधा नहीं है। सड़क लंबे समय से नहीं बनी है। पानी की लाइनें भी नहीं हैं। जंगल किनारे गांव है। यहां रोज जंगली जानवर आते रहते हैं। इतनी दूर नगर निगम ग्रामीणों को कैसे सुविधा देगा।
ग्रामीणों की बात
सुविधाएं हल्द्वानी में नहीं दे पा रहे तो यहां गांव में क्या सुविधाएं मिल पाएंगी। पूरा शहर अतिक्रमण की जद में है। हमारे लिए प्रधान ही बेहतर कार्य कर रहा है।
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-भीमशंकर
................
जंगल को नगर निगम में लेकर क्या फायदा, हम तो खाली टैक्स भरेंगे हमें क्या मिलेगा। पंचायत प्रतिनिधि ही गांव की समस्या का त्वरित निवारण कर सकता है।
-राम सिंह अधिकारी
हर काम के लिए शहर के चक्कर लगाने होंगे। यहां आज तक सुविधाएं नहीं मिल सकीं है। इतने दूर गांव हैं। यहां तो कई वर्ष लग जाएंगे सुविधाएं मिलने में।
-माधवानंद उप्रेती
जंगल को निगम में शामिल कर दिया। पता नहीं क्या वजह रही होंगी। ये राजनीतिक समीकरण सही करने को तानाबाना बुना गया है।
-शिवदत्त उपाध्याय
कूड़ा तो उठता नहीं है, नालियां पड़ी हैं चोक
वार्ड 21
हल्द्वानी।
नगर निगम के वार्ड 21 इंदिरा नगर के हाल बुरे हैं। सड़कों में जहां-तहां कूड़ा पड़ा हुआ हैं। नालियां चोक हैं। कुछ सड़कों को छोड़कर बाकि सभी सड़कें टूटी हुई हैं। कई गलियों में सीवर लाइन आज तक नहीं पड़ी है। वार्ड वासियों का आरोप है कि सिर्फ चुनाव के समय ही नेता दिखाई देते हैं। नगर निगम के अधिकारी और मेयर तो कभी यहां झांकने नहीं आए। वार्ड में सफाई कर्मचारी इतने कम है कि गलियों में तीन साल से नालियों की सफाई नहीं हुई। कूड़ा उठाने के लिए निगम की गाड़ियां नहीं आती हैं। सड़कों में कूड़ा पड़ा रहता है।
लोगों से बातचीत
सफाई कर्मचारी नियमित रुप से कार्य नहीं करते। कूडे़दान भी नहीं है, गलियों मे कूड़ा हवा के साथ फैलता रहता है।
-सबीर अहमद अली
दुर्गा मंदिर के सामने वाली गली में कूड़ा पडा सड़ता रहता है मगर निगम क र्मियों को यह नजर नहीं आता।
-एजाज हुसैन
सफाई की कमी है। निगम कार्यालय में कई बार मामले को सामने रखा है। उसके बाद भी अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं।
-शकील अहमद सलमानी
गंदगी बिखरे रहती है, कूड़ा उठाने गाड़ी भी नहीं आती। ऑटो वाले इसी गली से होकर जाते हैं गली में जाम लगा रहता है और दुर्घटना होने का भय भी।
-तसलीम
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रविवार को अमर उजाला की टीम कमलुवागांजा नर सिंह तल्ला पहुंची। यहां लोगों से नगर निगम में शामिल करने के बारे में पूछा गया तो ग्रामीणों का कहना था कि पूरे गांव का क्षेत्रफल 76.62 वर्ग किलोमीटर है। यहां की जनसंख्या 845 है। नियम है कि 250 व्यक्ति प्रति किलोमीटर जनसंख्या होनी चाहिए। लेकिन ऐसा इस गांव में नहीं है। जरूर यहां प्लाटिंग हो गई है। मकान बन रहे हैं। लेकिन कोई सुविधा नहीं है। सड़क लंबे समय से नहीं बनी है। पानी की लाइनें भी नहीं हैं। जंगल किनारे गांव है। यहां रोज जंगली जानवर आते रहते हैं। इतनी दूर नगर निगम ग्रामीणों को कैसे सुविधा देगा।
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ग्रामीणों की बात
सुविधाएं हल्द्वानी में नहीं दे पा रहे तो यहां गांव में क्या सुविधाएं मिल पाएंगी। पूरा शहर अतिक्रमण की जद में है। हमारे लिए प्रधान ही बेहतर कार्य कर रहा है।
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-भीमशंकर
................
जंगल को नगर निगम में लेकर क्या फायदा, हम तो खाली टैक्स भरेंगे हमें क्या मिलेगा। पंचायत प्रतिनिधि ही गांव की समस्या का त्वरित निवारण कर सकता है।
-राम सिंह अधिकारी
हर काम के लिए शहर के चक्कर लगाने होंगे। यहां आज तक सुविधाएं नहीं मिल सकीं है। इतने दूर गांव हैं। यहां तो कई वर्ष लग जाएंगे सुविधाएं मिलने में।
-माधवानंद उप्रेती
जंगल को निगम में शामिल कर दिया। पता नहीं क्या वजह रही होंगी। ये राजनीतिक समीकरण सही करने को तानाबाना बुना गया है।
-शिवदत्त उपाध्याय
कूड़ा तो उठता नहीं है, नालियां पड़ी हैं चोक
वार्ड 21
हल्द्वानी।
नगर निगम के वार्ड 21 इंदिरा नगर के हाल बुरे हैं। सड़कों में जहां-तहां कूड़ा पड़ा हुआ हैं। नालियां चोक हैं। कुछ सड़कों को छोड़कर बाकि सभी सड़कें टूटी हुई हैं। कई गलियों में सीवर लाइन आज तक नहीं पड़ी है। वार्ड वासियों का आरोप है कि सिर्फ चुनाव के समय ही नेता दिखाई देते हैं। नगर निगम के अधिकारी और मेयर तो कभी यहां झांकने नहीं आए। वार्ड में सफाई कर्मचारी इतने कम है कि गलियों में तीन साल से नालियों की सफाई नहीं हुई। कूड़ा उठाने के लिए निगम की गाड़ियां नहीं आती हैं। सड़कों में कूड़ा पड़ा रहता है।
लोगों से बातचीत
सफाई कर्मचारी नियमित रुप से कार्य नहीं करते। कूडे़दान भी नहीं है, गलियों मे कूड़ा हवा के साथ फैलता रहता है।
-सबीर अहमद अली
दुर्गा मंदिर के सामने वाली गली में कूड़ा पडा सड़ता रहता है मगर निगम क र्मियों को यह नजर नहीं आता।
-एजाज हुसैन
सफाई की कमी है। निगम कार्यालय में कई बार मामले को सामने रखा है। उसके बाद भी अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं।
-शकील अहमद सलमानी
गंदगी बिखरे रहती है, कूड़ा उठाने गाड़ी भी नहीं आती। ऑटो वाले इसी गली से होकर जाते हैं गली में जाम लगा रहता है और दुर्घटना होने का भय भी।
-तसलीम