फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   126 Spring View Spartan own life

संयमी जीवन के बूते देखे 126 वसंत

Mon, 26 Jan 2015 01:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धानाचूली(नैनीताल),चंद्रेश पांडे/गंगा सिंह बिष्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, धानाचूली(नैनीताल),चंद्रेश पांडे/गंगा सिंह बिष्ट Updated Mon, 26 Jan 2015 01:50 AM IST
विज्ञापन
126 Spring View Spartan own life

‘यदि स्वस्थ और निरोग रहना है तो अनुशासन के साथ-साथ संयमित जीवन और खानपान जरूरी है। ब्रह्मचर्य, अनुशासन और संयमी जीवन ही मेरी दीर्घायु का राज है।’ यह कहना है अंग्रेजों के जमाने में चिकित्सा अधिकारी रहे पलड़ा (धारी) स्थित आश्रम के स्वामी और 126 वर्षीय वयोवृद्ध परमानंद पुरी महाराज का। परमानंद पुरी महाराज को लोग डाक्टर बाबा के नाम से भी जानते हैं।

विज्ञापन


हालांकि उनका असली नाम क्या है यह उन्होंने नहीं बताया। रविवार को धारी स्थित तहसील परिसर में आयोजित मतदाता सम्मान समारोह में पहुंचे परमानंद पुरी महाराज ने अमर उजाला संवाददाता से अपने जीवन के कुछ अनुभव साझा किए।
विज्ञापन


बातचीत के दौरान बाबा के साथ पदमपुरी स्थित सोमवारी आश्रम के स्वामी राम चैतन्यपुरी महाराज, संजय पांडे, चंद्रमोहन पनेरू, संजय सती और दीपक दानी आदि थे।

छोटी सी चर्चा में बड़ी कहानी
परमानंद पुरी महाराज के मुताबिक उनका जन्म 10 अक्तूबर 1889 को काशी के संभ्रांत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बाबा के पूर्वज मूलरूप से कश्मीर के बेरीनाग गांव के थे। सात साल की उम्र में उन्होंने अपने दादा के साथ लाहिड़ी बाबा के दर्शन किए। बाबा बताते हैं कि उन्होंने आरंभिक शिक्षा कोलकाता में पूरी की। उन्होंने कहा कि ज्यादा याद नहीं लेकिन शायद वर्ष 1915 से 1920 के बीच उन्होंने लंदन में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमडी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद वर्ष 1920 से 1931 तक गुवाहाटी और शिलांग में जिला चिकित्साधिकारी (सीएमओ) के पद पर कार्यरत रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन



...और सीएमओ बन गए संन्यासी
बचपन से ही आध्यात्मिक प्रवृति के परमानंद पुरी महाराज ने वर्ष 1932 में घरबार छोड़कर संन्यास ले लिया। बाबा की मानें तो वर्ष 1935 में वृंदावन की यात्रा के दौरान उन्हें यमुनातट पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप का दर्शन हुआ। इसके बाद से वे वैराग्य की ओर बढ़ते चले गए। और इलाहाबाद, बनारस समेत कई स्थानों पर आश्रमों में रहे। उन्होंने बताया कि वर्ष 1991 में वह पहली बार पदमपुरी स्थित सोमवारी बाबा आश्रम पहुंचे और उसके कुछ समय बाद ही उन्होंने पलड़ा गांव में आश्रम बना लिया।


परमानंद पुरी महाराज का संन्यासी जीवन
बाबा का कहना है कि पदमपुरी पहुंचने के बाद उन्होंने 14 साल तक खुले आसमान के नीचे तपस्या की और 25 साल तक केवल फलाहार किया। उनके गुरु विश्वदानंद महाराज हैं। बाबा का दावा है कि आज भी उन्हें अपने गुरु के साक्षात दर्शन होते हैं।

एक सवाल के जवाब में बाबा ने कहा कि 126 साल की उम्र में भी वह अपने कार्यों को स्वयं करते हैं। ब्रह्मचर्य, संयमित और अनुशासित जीवन के साथ-साथ संतुलित खानपान, शाकाहारी भोजन ही उनके स्वस्थ और निरोगी जीवन का राज है। बाबा वर्तमान में काठगोदाम में अपने एक भक्त के यहां रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल में वह अपने पलड़ा स्थित आश्रम में लौट जाएंगे।


हर बार मतदान करते हैं बाबा
126 वर्षीय बाबा परमानंद पुरी महाराज का नाम पलड़ा स्थित गांव की मतदाता सूची के मतदाता क्रमांक 309 के भाग 8 में दर्ज है। लोकसभा चुनाव में बाबा ने गुनियालेख स्थित इंटर कालेज में और ग्राम पंचायत के चुनाव में हरिनगर अक्सोड़ा स्थित बूथ में मतदान किया था।

बाबा कहते हैं कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति मतदान करे। रविवार को वह सम्मान समारोह के लिए पटवारी पवन ध्यानी की गाड़ी से धारी तहसील पहुंचे थे।  

जरूरत हुई तो उम्र का प्रमाण भी दे दूंगा
बाबा परमानंद पुरी महाराज का कहना है कि उनकी उम्र 126 साल है और यदि कभी जरूरत पड़ी तो वह इसका प्रमाण भी दे देंगे। जब उनसे कहा गया कि आपका नाम तो गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होना चाहिए तो वह बोले उन्हें पब्लिसिटी नहीं चाहिए।


एसडीएम राकेश तिवारी ने कहा कि बाबा से उम्र संबंधी प्रमाण मिलने के बाद वह उनका नाम गिनीज बुक में दर्ज करवाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजेंगे ताकि इस क्षेत्र को नई पहचान मिल सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed