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शिवरात्रि में इस बार रात्रि व्यापिनी का बन रहा है विशिष्ट योग
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महा शिवरात्रि
- फोटो : SOCIAL MEDIA
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हल्द्वानी। महाशिवरात्रि पर्व सोमवार चार मार्च को मनाया जाएगा। इस बार सोमवार को रात्रि व्यापिनी चतुर्दशी में विशिष्ट योग बना है, जो वर्षों बाद आता है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि त्रयोदशी और चतुर्दशी के योग में सोमवार को शिवरात्रि पर्व परम पुण्यदायी है। प्रथम प्रहर में दूध, द्वितीय में दही, तृतीय में घी और चतुर्थ प्रहर में शहद से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इस दिन व्रत करने से विद्यार्थी को विद्या, धनार्थी को धन, संतान की इच्छा रखने वाले को संतान की प्राप्ति होती है।
पूजन का उत्तम मुहूर्त
प्रात: 6:30 से रात्रि 12:30 बजे तक। प्रथम प्रहर पूजन रात्रि 7:30 से 9:30 बजे तक, द्वितीय प्रहर पूजन रात्रि 9:30 से 11:30 तक, तृतीय प्रहर अर्ध रात्रि 11:30 से 1:30 तक और चतुर्थ प्रहर रात्रि 1:30 से 3:30 बजे तक पूजन।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि त्रयोदशी और चतुर्दशी के योग में सोमवार को शिवरात्रि पर्व परम पुण्यदायी है। प्रथम प्रहर में दूध, द्वितीय में दही, तृतीय में घी और चतुर्थ प्रहर में शहद से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इस दिन व्रत करने से विद्यार्थी को विद्या, धनार्थी को धन, संतान की इच्छा रखने वाले को संतान की प्राप्ति होती है।
पूजन का उत्तम मुहूर्त
प्रात: 6:30 से रात्रि 12:30 बजे तक। प्रथम प्रहर पूजन रात्रि 7:30 से 9:30 बजे तक, द्वितीय प्रहर पूजन रात्रि 9:30 से 11:30 तक, तृतीय प्रहर अर्ध रात्रि 11:30 से 1:30 तक और चतुर्थ प्रहर रात्रि 1:30 से 3:30 बजे तक पूजन।
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