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पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से ऐरोड़ गांव में पेयजल संकट
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:32 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। नगर से सटे एरोड़ गांव के ग्रामीण पिछले एक माह से प्यासे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मोटर मार्ग निर्माण में योजना के पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिसे आज तक ठीक नहीं किया गया है। इसके अलावा वितरण प्रणाली में भी तमाम तरह की खामियां हैं। पानी के लिए ग्रामीण 10 किमी दूर गगास नदी पर निर्भर होकर रह गए हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भेजे ज्ञापन में 15 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ऐरोड़ गांव में ऐरोड़ पेयजल योजना से आपूर्ति होती है।
बताया गया है कि पीएमजीएसवाई द्वारा रानीखेत-गगास मोटर मार्ग के निर्माण में इस योजना के पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गए, जिन्हें आज तक ठीक नहीं किया गया है। तब से गांव में पानी की समस्या व्याप्त है। ग्रामीण 10 किमी दूर गगास नदी से पानी ढोने को विवश हैं। सरपंच विशन सिंह बिष्ट ने बताया कि वितरण प्रणाली में भी तमाम तरह की खामियां हैं। उन्होंने बताया कि खतडुवा धार से पानी की लाइन को दस फुट नीचे लेने की जरूरत है, इससे पानी का फोर्स बना रहेगा और पूरे गांव में पानी की आपूर्ति बनी रहेगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर सार्थक कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा।
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ऐरोड़ गांव में ऐरोड़ पेयजल योजना से आपूर्ति होती है।
बताया गया है कि पीएमजीएसवाई द्वारा रानीखेत-गगास मोटर मार्ग के निर्माण में इस योजना के पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गए, जिन्हें आज तक ठीक नहीं किया गया है। तब से गांव में पानी की समस्या व्याप्त है। ग्रामीण 10 किमी दूर गगास नदी से पानी ढोने को विवश हैं। सरपंच विशन सिंह बिष्ट ने बताया कि वितरण प्रणाली में भी तमाम तरह की खामियां हैं। उन्होंने बताया कि खतडुवा धार से पानी की लाइन को दस फुट नीचे लेने की जरूरत है, इससे पानी का फोर्स बना रहेगा और पूरे गांव में पानी की आपूर्ति बनी रहेगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर सार्थक कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा।
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