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बैंक की लगा रहे हैं चूना
Updated Mon, 29 Jan 2018 02:00 AM IST
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हल्द्वानी। बैंक ही सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। नगर निगम ने दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत बेरोजगार युवक-युवतियों का चयन कर 195 बेरोजगारों को ऋण स्वीकृत किए थे, लेकिन बैंक ने मात्र 35 बेरोजगारों को लोन दिया। वहीं निगम की ओर से बुलाई गई बैठक में मात्र 10 बैंक ही पहुंचे।
सरकार की ओर से बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना चलाई जा रही है। इसके तहत निगम क्षेत्र के आवेदकों के लिए दो लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटी के दिया जा रहा है। योजना के तहत नगर निगम हल्द्वानी को 195 बेरोजगारों को लोन देने का लक्ष्य दिया गया है। इस योजना में बेरोजगार युवक-युवतियों को सात प्रतिशत ब्याज पर लोन दिया जाना है। बाकी का ब्याज नगर निगम जमा करेगा। नगर निगम की ओर से बनी टास्क कमेटी ने निगम के 197 बेरोजगारों का चयन कर 46 बैंकों को बेरोजगारों की सूची भेजी थी, लेकिन बैंकों ने मात्र 35 बेरोजगारों को ही लोन दिया। उधर लोन न देने पर नगर आयुक्त ओर से बैंकों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में 46 बैंकों को बुलाया गया था, लेकिन इसमें मात्र 10 बैंकों के प्रतिनिधि ही पहुंचे। इससे लगाया जा सकता है कि बैंक सरकार की योजना में कितना हाथ बंटा रहे हैं।
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सरकार की ओर से बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना चलाई जा रही है। इसके तहत निगम क्षेत्र के आवेदकों के लिए दो लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटी के दिया जा रहा है। योजना के तहत नगर निगम हल्द्वानी को 195 बेरोजगारों को लोन देने का लक्ष्य दिया गया है। इस योजना में बेरोजगार युवक-युवतियों को सात प्रतिशत ब्याज पर लोन दिया जाना है। बाकी का ब्याज नगर निगम जमा करेगा। नगर निगम की ओर से बनी टास्क कमेटी ने निगम के 197 बेरोजगारों का चयन कर 46 बैंकों को बेरोजगारों की सूची भेजी थी, लेकिन बैंकों ने मात्र 35 बेरोजगारों को ही लोन दिया। उधर लोन न देने पर नगर आयुक्त ओर से बैंकों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में 46 बैंकों को बुलाया गया था, लेकिन इसमें मात्र 10 बैंकों के प्रतिनिधि ही पहुंचे। इससे लगाया जा सकता है कि बैंक सरकार की योजना में कितना हाथ बंटा रहे हैं।
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