{"_id":"5c7c3a0cbdec2205dc4032ad","slug":"111551645196-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएच 87 के किनारे के 152 पेड़ जू में होंगे ट्रासप्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएच 87 के किनारे के 152 पेड़ जू में होंगे ट्रासप्लांट
विज्ञापन
Laughing Tree
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। हल्द्वानी वन प्रभाग में एनएच 87 की जद में आ रहे 152 पेड़ काटे नहीं जाएंगे, बल्कि इन्हें प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर में प्रत्यारोपित किया जाएगा। वन विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।
वर्ष 2016 में एनएच 87 का निर्माण शुरू हुआ तो तीनपानी से काठगोदाम तक हल्द्वानी डिवीजन में 330 पेड़ इसकी जद में आ रहे थे। तब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने वन विभाग से 188 पेड़ काटने की अनुमति मांगी और इसका पूरा पैसा जमा करा दिया। केंद्रीय वन मंत्रालय ने पेड़ों के कटान को मंजूरी दे दी थी। यह पेड़ काटे भी गए थे। इधर, 2017 में जब सड़क निर्माण शुरू हुआ तो दोबारा एनएचएआई ने 152 पेड़ काटने की जरूरत बताई। एनएचएआई ने इसके लिए वन विभाग के पास आवेदन किया। लेकिन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने पेड़ काटने की अनुमति देने से इंकार कर दिया। उच्च स्तर पर वन विभाग व एनएचएआई के अधिकारियों में इस बात पर सहमति बनी कि पेड़ों का काटा नहीं जाएगा, बल्कि इनको ट्रांसप्लांट कर दिया जाए। वन विभाग ने विभिन्न प्रजाति के 152 पेड़ों को जू में ही ट्रासप्लांट कराने की योजना तैयार कर ली है। एनएच की तरफ से वन विभाग को इसके लिए 32 लाख रुपये भी जारी कर दिए गए हैं।
काटे नहीं जाएंगे, चिड़ियाघर में ट्रांसप्लांट होंगे पेड़
एनएच 87 किनारे एनएच की जद में आ रहे हैं 152 पेड़
एनएच 87 की जद में आ रहे पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाएगा। गौलापार स्थित जू में सभी पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए नौ मार्च तक ठेकेदारों से निविदाएं भी मांगी गई हैं।
विज्ञापन
-एनएन पांडेय, डीएफओ, हल्द्वानी वन प्रभाग
विज्ञापन
वर्ष 2016 में एनएच 87 का निर्माण शुरू हुआ तो तीनपानी से काठगोदाम तक हल्द्वानी डिवीजन में 330 पेड़ इसकी जद में आ रहे थे। तब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने वन विभाग से 188 पेड़ काटने की अनुमति मांगी और इसका पूरा पैसा जमा करा दिया। केंद्रीय वन मंत्रालय ने पेड़ों के कटान को मंजूरी दे दी थी। यह पेड़ काटे भी गए थे। इधर, 2017 में जब सड़क निर्माण शुरू हुआ तो दोबारा एनएचएआई ने 152 पेड़ काटने की जरूरत बताई। एनएचएआई ने इसके लिए वन विभाग के पास आवेदन किया। लेकिन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने पेड़ काटने की अनुमति देने से इंकार कर दिया। उच्च स्तर पर वन विभाग व एनएचएआई के अधिकारियों में इस बात पर सहमति बनी कि पेड़ों का काटा नहीं जाएगा, बल्कि इनको ट्रांसप्लांट कर दिया जाए। वन विभाग ने विभिन्न प्रजाति के 152 पेड़ों को जू में ही ट्रासप्लांट कराने की योजना तैयार कर ली है। एनएच की तरफ से वन विभाग को इसके लिए 32 लाख रुपये भी जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
काटे नहीं जाएंगे, चिड़ियाघर में ट्रांसप्लांट होंगे पेड़
एनएच 87 किनारे एनएच की जद में आ रहे हैं 152 पेड़
एनएच 87 की जद में आ रहे पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाएगा। गौलापार स्थित जू में सभी पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए नौ मार्च तक ठेकेदारों से निविदाएं भी मांगी गई हैं।
विज्ञापन
-एनएन पांडेय, डीएफओ, हल्द्वानी वन प्रभाग