फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   कुंवाली के पिछड़ेपन के लिए शासन प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार

कुंवाली के पिछड़ेपन के लिए शासन प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार

Tue, 27 Mar 2018 11:04 PM IST
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
कुंवाली के पिछड़ेपन के लिए शासन प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
रानीखेत (अल्मोड़ा)। मांगों को लेकर यहां कुंवाली में धरना जारी है। वक्ताओं ने कहा कि तहसील का सुदूरवर्ती क्षेत्र होने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र से निरंतर पलायन बढ़ रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन के नुमाइंदों की कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। क्रमिक अनशन की रणनीति भी बनाई गई। वक्ताओं ने क्षेत्र के पिछड़ेपन के लिए जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन के नुमाइंदों को जिम्मेदार ठहराया।
विज्ञापन


कुंवाली में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने, एलोपैथिक अस्पताल खोलने सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से धरना चल रहा है। संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना भी अधिकारियों को लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी।
विज्ञापन


आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़कों की हालत खराब होने से ग्रामीण परेशान हैं, क्षेत्र से निरंतर पलायन हो रहा है। धरने के दौरान जमकर नारेबाजी की गई।

कहा कि अब क्रमिक अनशन होगा। यदि फिर भी मांग पूरी नहीं हुई तो आमरण अनशन, चक्काजाम जैसे उग्र कदम उठाए जाएंगे। धरने पर जवाहर सिंह नेगी, राजेंद्र बिष्ट, गिरीश जोशी, हरिनारायण जोशी, भूपाल राम, राजू रावत, रवि पांडे, विक्रम रावत,पूरन बिष्ट सहित तमाम लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed