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जवाब मिला तो ‘जवाब’ देते नहीं बना

Sun, 03 Dec 2017 01:46 AM IST
Updated Sun, 03 Dec 2017 01:46 AM IST
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जवाब मिला तो ‘जवाब’ देते नहीं बना
हल्द्वानी। अस्पतालों के सामान्य कचरे के निस्तारण के मु्द्दे पर नगर निगम की ओर से बुलाई गई बैठक में शनिवार को दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। जैव चिकित्सकीय कचरे के सही गलत निस्तारण का मुद्दा जोर शोर से उठा और आरोप प्रत्यारोप हुए। अस्पताल के प्रतिनिधि और डाक्टर कहते रहे कि पकड़ा गया कूड़ा सामान्य कचरा था। एक अस्पताल के डाक्टर ने कहा कि उन्होंने प्लाट में सामान्य कचरा रखवाया था। उधर बॉम्बे अस्पताल के प्रतिनिधि बोले निगम की ओर से कार्रवाई गलत की गई है। इन दोनों से जब अधिकारियों ने यह कहा कि कचरे के वीडियो फुटेज मौजूद हैं तब जाकर यह बहस थमी।
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किसने क्या कहा और प्रशासन की ओर से क्या उत्तर मिला-
नगर आयुक्त हरवीर सिंह - अस्पतालों की ओर से बार-बार जैव चिकित्सीय कचरा खुले में फेेंका जा रहा है। कभी ग्रामीण क्षेत्र में तो कभी शहरी क्षेत्र में। इस तरीके में सुधार क्यों नहीं कर रहे हैं
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आईएमए - हमारी ओर से कोई जैव चिकित्सीय कचरा खुले में नहीं फेंका जा रहा है।
नगर आयुक्त- तो क्यों अस्पताल में जैव चिकित्सीय कचरा डंप किया जा रहा है।
आईएमए - ये सामान्य कचरा है। निगम सामान्य कचरा उठाए। हम पूरा सहयोग करेंगे।
नगर आयुक्त- शुक्रवार को शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल के बगल में खाली प्लाट में जैव चिकित्सीय कचरा मिला है। ये एक प्रतिष्ठित अस्पताल का है।
प्रतिष्ठित अस्पताल के डाक्टर - नगर निगम सामान्य कचरा नहीं ले जा रहा है। कचरा कहां रखें। मैंने अपने प्लाट में सामान्य कचरा रखा है। उसमें कोई जैव चिकित्सीय कचरा नहीं है। एक दो सिरींज या दस्ताने आ गए तो इसे जैव चिकित्सीय कचरा नहीं कहा जा सकता है। छंटाई में अस्पताल के कर्मियों से गलती हो गई होगी।
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नगर आयुक्त- मेरे साथ आप और आईएमए के प्रतिनिधि चल सकते हैं। अभी पता चल जाएगा कि वह कचरा सामान्य है या जैव चिकित्सीय कचरा है।
प्रतिष्ठित अस्पताल के डाक्टर - चुप होते हुए, हो सकता है यह कचरा किसी ने बदल दिया हो।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी - अस्पताल की छत पर जैव चिकित्सीय कचरे के 38 बैग क्यों रखे गए थे। काले बैग में क्यों जैव चिकित्सीय कचरा डाला गया था।
अस्पताल प्रतिनिधि- यह सामान्य कचरा था। एक सीरिंज या दवा की शीशी आने से यह जैव चिकित्सीय कचरा नहीं हो सकता। डॉ. तुहीन कुमार से पूछ लीजिए। हमारा सामान्य कचरा नहीं उठेगा तो हम इसे छत पर तो रखेंगे।
आईएमए के सदस्य- सही कह रहे हैं। हम सामान्य कचरा कहां रखे। नगर निगम सामान्य कचरा नहीं उठा रहा है। नगर निगम के अधिकारी और मेयर कई बार कह चुके हैं कि दो गाड़ियां अस्पताल से कूड़ा उठाएंगी। उसके बाद भी कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी- मेरे पास पूरे सबूत हैं। वीडियो और फोटो हैं। आप कहे तो दिखा देता हूं। 38 बैग रखे गए थे। इसमें से 13 काली पॉलीथीन में थे। बैग खोलने पर उसमें जैव चिकित्सीय कचरा मिला था।

नगर आयुक्त- आरोप-प्रत्यारोप मत लगाओ। जिससे जो गलती हुई है उसे ठीक से समझें और देखें कि भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए काम करिये।
आईएमए- झोलाछाप डाक्टरों का जैव चिकित्सीय कचरा कहां जा रहा है। प्रशासन और अखबारों को ये क्यों नहीं दिख रहा है।
सिटी मजिस्ट्रेट- ये हमारी जिम्मेदारी है। हम इस पर जल्द ही काम करेंगे। आप लोग सहयोग करें।
आईएमए और डाक्टर - जैव चिकित्सीय कचरा तो मुर्गे और बड़े जानवरों के काटने के बाद बहने वाला खून भी है। वह तो सीधे नालियों में जाता है। इस पर क्यों कार्रवाई नहीं हो रही है।
सिटी मजिस्ट्रेट- हम इस भाग को भी देखेंगे।
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