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गांधी गिरी: खुद भूखे रहे, मुसाफिरों को मंजिल तक पहुंचाया

Thu, 19 Jul 2018 02:16 AM IST
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:16 AM IST
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गांधी गिरी: खुद भूखे रहे, मुसाफिरों को मंजिल तक पहुंचाया
हल्द्वानी। कई बार हड़ताल और आंदोलनों के चलते आम लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन रेल कर्मियों ने अपनी मांगों को गांधीगीरी तरीका आजमाया है। रनिंग भत्ता (माइलेज दर) बढ़ाने समेत दो सूत्री मांग को लेकर लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, गार्डों ने भूखे रह कर ट्रेनों का संचालन किया। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के आह्वान पर रेलकर्मी बृहस्पतिवार को भी भूखे रहते हुए ट्रेनों का संचालन करेंगे।
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काठगोदाम स्टेशन आने वाली शताब्दी, पैसेंजर समेत सात ट्रेनों का रनिंग स्टाफ बुधवार को स्टेशन परिसर में बने रनिंग रूम में पहुंचा। उन्होंने भूख हड़ताल कर केंद्र सरकार की मनमानी के खिलाफ विरोध जताया। सभी ने ट्रेनों में चलने वाले लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, गार्ड का माइलेज दर 1980 के सिद्धांत के अनुसार जल्द निर्धारण, एक जनवरी 2016 से पूर्व रिटायर रनिंग स्टाफ का सातवां सीपीसी के अनुसार तुलनात्मक पेंशन निर्धारण विसंगतियों में सुधार की मांग की। विरोध 19 जुलाई की सुबह नौ बजे तक जारी रहेगा। रेल कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं की तो उग्र आंदोलन होगा।
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दो दिन होने जा रहे हैं, कुछ नहीं खाया। ट्रेनों के संचालन में रनिंग स्टाफ की अहम भूमिका है फिर भी भत्ते नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। रनिंग स्टाफ ने भूखे रह कर खुद को कष्ट दिया, लेकिन मुसाफिर को मंजिल तक पहुंचाया।
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- हरिशंकर, लोको पायलट

कभी भूखे नहीं रहे, अब अपना हक मांगने के लिए भूखे रह रहे हैं। सरकार को रनिंग स्टाफ की मांगों को पूरा करना चाहिए।
- रेनू श्रीवास, सहायक लोको पायलट

सुबह घर से पूजा करने के बाद निकली लेकिन कुछ नहीं खाया। मुरादाबाद से यहां तक पानी पीकर आए हैं और अब पानी पीकर ही वापस जाएंगे।
- अंशु यादव

रोजाना 21 के लिए बनता है खाना, बुधवार को एक ने भी नहीं खाया
हल्द्वानी। काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर रोजाना सात ट्रेनें आती हैं। एक ट्रेन में एक लोको पायलट, एक सहायक लोको पायलट, एक गार्ड चलता है। लोको इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि रोजाना 21 रनिंग स्टाफ होता है। इस तरह रोजाना 40-45 भोजन दिनभर में बनते है। दोपहर तक 20-21 थालियां खप जाती हैं लेकिन बुधवार को एक-दो ने भी खाना नहीं खाया।


दक्षिण भारत में एक की मौत
हल्द्वानी। दक्षिण भारत के एर्नाकुलम में लोको पायलट केएन राजू की भूख हड़ताल से मौत की खबर है। वह अमृता एक्सप्रेस पर चलने वाले थे। भूख हड़ताल के दौरान राजू की मौत होने से रनिंग स्टाफ में बेहद गुस्सा है।
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