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Kotdwar News: अस्पताल में कफ सिरप नहीं मिलने से परेशानी
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कोटद्वार। दीपावली के बाद से लोगों के स्वास्थ्य में गिरावट के साथ साथ उनमें सांस फूलने, सूखी खांसी और सीने में जलन की शिकायत महसूस की जा रही है। ऐसे कई मरीज अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, नजला, जुकाम और गले में दर्द की समस्या भी तेजी से बढ़ी है। मरीज अस्पताल से कफ सिरप नहीं मिलने से परेशानी हो रही है।
उन्हें प्राइवेट मेडिकल स्टोर से कफ सिरप लेने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
दीपावली के मौके पर चार दिन तक बंदी के बाद सोमवार को राजकीय बेस अस्पताल खुला, तो मरीजों की खासी भीड़ रही। पहले दिन आठ सौ से ज्यादा ओपीडी हुई थी, जबकि मंगलवार को भी 650 से ज्यादा मरीजों का पंजीकरण हुआ। इन मरीजों में करीब 25 फीसदी मरीज मौसम संबंधी समस्या और दीपावली के बाद सांस फूलने, घुटन महसूस करने, सूखी खांसी, गले व पेट में दर्द की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। मंगलवार को कई मरीज खारिश यानी स्किन अलर्जी को लेकर भी पहुंचे। अस्पताल में त्वचा विशेषज्ञ नहीं पर ऐसे मरीजों को जनरल फिजिशियन से ही उपचार लेना पड़ा।
वहीं, नजला, जुकाम, खांसी, सीने में जकड़न, सर्दी आदि की समस्या लेकर आने वाले मरीजों को दवा के साथ कफ सिरप नहीं मिलने पर मरीज असमंजस में रहे। मरीजों राजेंद्र सिंह, कमला रावत, मो. रफीक, जगवती, अनिकेत का कहना था कि चार-पांच दिन से सूखी खांसी, गले व सीने में दर्द की समस्या से ग्रस्त हैं। जिससे कभी कभी सीने में जलन भी महसूस हो रही है। खुश्की सी बनी है, लेकिन अस्पताल में अन्य मरीजों की तरह सामान्य रूप से दवा दी जा रही है। कफ सिरप आदि अन्य सिरप नहीं दिए जा रहे हैं। जिससे उन्हें चिकित्सीय सलाह पर प्राइवेट मेडिकल स्टोर से सिरप लेना पड़ रहा है।
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अस्पताल से मरीजों को अब कफ सिरप नहीं दिया जाता है। उन्हें दी जा रही दवा ही पर्याप्त है। चिकित्सकों को मरीजों को जागरूक करने के लिए कहा जाएगा। -डॉ. राजीव पाल, सीएमएस, बेस अस्पताल कोटद्वार
उन्हें प्राइवेट मेडिकल स्टोर से कफ सिरप लेने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
दीपावली के मौके पर चार दिन तक बंदी के बाद सोमवार को राजकीय बेस अस्पताल खुला, तो मरीजों की खासी भीड़ रही। पहले दिन आठ सौ से ज्यादा ओपीडी हुई थी, जबकि मंगलवार को भी 650 से ज्यादा मरीजों का पंजीकरण हुआ। इन मरीजों में करीब 25 फीसदी मरीज मौसम संबंधी समस्या और दीपावली के बाद सांस फूलने, घुटन महसूस करने, सूखी खांसी, गले व पेट में दर्द की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। मंगलवार को कई मरीज खारिश यानी स्किन अलर्जी को लेकर भी पहुंचे। अस्पताल में त्वचा विशेषज्ञ नहीं पर ऐसे मरीजों को जनरल फिजिशियन से ही उपचार लेना पड़ा।
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वहीं, नजला, जुकाम, खांसी, सीने में जकड़न, सर्दी आदि की समस्या लेकर आने वाले मरीजों को दवा के साथ कफ सिरप नहीं मिलने पर मरीज असमंजस में रहे। मरीजों राजेंद्र सिंह, कमला रावत, मो. रफीक, जगवती, अनिकेत का कहना था कि चार-पांच दिन से सूखी खांसी, गले व सीने में दर्द की समस्या से ग्रस्त हैं। जिससे कभी कभी सीने में जलन भी महसूस हो रही है। खुश्की सी बनी है, लेकिन अस्पताल में अन्य मरीजों की तरह सामान्य रूप से दवा दी जा रही है। कफ सिरप आदि अन्य सिरप नहीं दिए जा रहे हैं। जिससे उन्हें चिकित्सीय सलाह पर प्राइवेट मेडिकल स्टोर से सिरप लेना पड़ रहा है।
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अस्पताल से मरीजों को अब कफ सिरप नहीं दिया जाता है। उन्हें दी जा रही दवा ही पर्याप्त है। चिकित्सकों को मरीजों को जागरूक करने के लिए कहा जाएगा। -डॉ. राजीव पाल, सीएमएस, बेस अस्पताल कोटद्वार