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Kotdwar News: इस साल बारिश से जनपद के 171 विद्यालय क्षतिग्रस्त, 381 लाख का नुकसान
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पौड़ी। इस साल बारिश और आपदा से जनपद में 171 विद्यालयों को क्षति पहुंची है। जिसमें 112 प्राथमिक और 59 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में 381.50 लाख के नुकसान का आकलन किया गया है। बारिश से अधिक नुकसान थलीसैंण ब्लॉक में हुआ। थलीसैंण में प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों को मिलाकर कुल 42 विद्यालयों को नुकसान हुआ है।
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में बारिश से 171 विद्यालयों में कहीं चहारदीवारी ढह गई तो कहीं छत और कक्षा कक्षों में दरारें पड़ गई हैं। इस साल बारिश से सर्वाधिक नुकसान विकासखंड थलीसैंण के विद्यालयाें को हुआ है। यहां कुल 36 प्राथमिक विद्यालय क्षतिग्रस्त हुए। जहां मरम्मत आदि कार्यों के लिए स्कूलों को 87 लाख की दरकार है। वहीं खिर्सू ब्लॉक के 13 विद्यालयों को सर्वाधिक 88.5 लाख का नुकसान पहुंचा।
पाबौ के दो स्कूलों को सर्वाधिक नुकसान
विभाग के मुताबिक पाबौ ब्लॉक के प्रावि पाबौ को सर्वाधिक 12 लाख और रापूमावि कलुण को 10 लाख की क्षति पहुंची। वहीं खिर्सू ब्लॉक के प्रावि मरखोड़ा को 9.50 लाख, प्रावि बुघाणी और प्रावि कोठगी को 8.50-8.50 लाख के नुकसान का अनुमान है। जबकि अवशेष अधिकांश विद्यालयों को पांच से दो लाख तक का नुकसान हुआ है।
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बारिश से 59 माध्यमिक विद्यालय क्षतिग्रस्त
जनपद के 13 विकासखंडों में अभी तक बारिश से 59 माध्यमिक विद्यालयों को भी नुकसान पहुंचा। जिसमें किसी भी चहारदीवारी ढह गई, कहीं छत टपक रही तो कहीं विद्यालय प्रांगण में दरारें आ गईं। शिक्षा विभाग के मुताबिक विकासखंड पाबौ में सर्वाधिक 11 विद्यालय क्षतिग्रस्त हुए। वहीं पौड़ी, बीरोंखाल, नैनीडांडा, दुगड्डा में दो- दो, द्वारीखाल, एकेश्वर, कल्जीखाल में पांच- पांच, जयहरीखाल में तीन, खिर्सू व थलीसैंण में छह-छह, कोट में सात, जबकि यमकेश्वर, पोखड़ा व रिखणीखाल में एक-एक, द्वारीखाल, एकेश्वर, कल्जीखाल में पांच-पांच, जयहरीखाल में तीन, खिर्सू व थलीसैंण में छह- छह, कोट में सात, जबकि यमकेश्वर, पोखड़ा व रिखणीखाल में एक-एक विद्यालय शामिल हैं।
क्या कहते हैं अफसर
विद्यालयों की ओर से उपलब्ध कराई गई नुकसान की सूची का कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग की ओर से निरीक्षण के बाद ही विद्यालयों को मरम्मतीकरण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। बारिश समाप्त होते ही विद्यालयों की मरम्मत का कार्य शुरू होगा। - नागेंद्र बर्त्वाल, प्रभारी सीईओ/डीईओ बेसिक शिक्षा, पौड़ी।
विकासखंड क्षतिग्रस्त विद्यालय नुकसान (लाख)
खिर्सू 13 88.5
थलीसैंण 36 87
पाबौ 10 50
कोट 15 41
बीरोंखाल 7 32
रिखणीखाल 12 24
कल्जीखाल 7 16
जयहरीखाल 6 12
पौड़ी 5 10
यमकेश्वर 4 8
एकेश्वर 3 7
द्वारीखाल 2 4
दुगड्डा 1 2
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शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में बारिश से 171 विद्यालयों में कहीं चहारदीवारी ढह गई तो कहीं छत और कक्षा कक्षों में दरारें पड़ गई हैं। इस साल बारिश से सर्वाधिक नुकसान विकासखंड थलीसैंण के विद्यालयाें को हुआ है। यहां कुल 36 प्राथमिक विद्यालय क्षतिग्रस्त हुए। जहां मरम्मत आदि कार्यों के लिए स्कूलों को 87 लाख की दरकार है। वहीं खिर्सू ब्लॉक के 13 विद्यालयों को सर्वाधिक 88.5 लाख का नुकसान पहुंचा।
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पाबौ के दो स्कूलों को सर्वाधिक नुकसान
विभाग के मुताबिक पाबौ ब्लॉक के प्रावि पाबौ को सर्वाधिक 12 लाख और रापूमावि कलुण को 10 लाख की क्षति पहुंची। वहीं खिर्सू ब्लॉक के प्रावि मरखोड़ा को 9.50 लाख, प्रावि बुघाणी और प्रावि कोठगी को 8.50-8.50 लाख के नुकसान का अनुमान है। जबकि अवशेष अधिकांश विद्यालयों को पांच से दो लाख तक का नुकसान हुआ है।
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बारिश से 59 माध्यमिक विद्यालय क्षतिग्रस्त
जनपद के 13 विकासखंडों में अभी तक बारिश से 59 माध्यमिक विद्यालयों को भी नुकसान पहुंचा। जिसमें किसी भी चहारदीवारी ढह गई, कहीं छत टपक रही तो कहीं विद्यालय प्रांगण में दरारें आ गईं। शिक्षा विभाग के मुताबिक विकासखंड पाबौ में सर्वाधिक 11 विद्यालय क्षतिग्रस्त हुए। वहीं पौड़ी, बीरोंखाल, नैनीडांडा, दुगड्डा में दो- दो, द्वारीखाल, एकेश्वर, कल्जीखाल में पांच- पांच, जयहरीखाल में तीन, खिर्सू व थलीसैंण में छह-छह, कोट में सात, जबकि यमकेश्वर, पोखड़ा व रिखणीखाल में एक-एक, द्वारीखाल, एकेश्वर, कल्जीखाल में पांच-पांच, जयहरीखाल में तीन, खिर्सू व थलीसैंण में छह- छह, कोट में सात, जबकि यमकेश्वर, पोखड़ा व रिखणीखाल में एक-एक विद्यालय शामिल हैं।
क्या कहते हैं अफसर
विद्यालयों की ओर से उपलब्ध कराई गई नुकसान की सूची का कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग की ओर से निरीक्षण के बाद ही विद्यालयों को मरम्मतीकरण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। बारिश समाप्त होते ही विद्यालयों की मरम्मत का कार्य शुरू होगा। - नागेंद्र बर्त्वाल, प्रभारी सीईओ/डीईओ बेसिक शिक्षा, पौड़ी।
विकासखंड क्षतिग्रस्त विद्यालय नुकसान (लाख)
खिर्सू 13 88.5
थलीसैंण 36 87
पाबौ 10 50
कोट 15 41
बीरोंखाल 7 32
रिखणीखाल 12 24
कल्जीखाल 7 16
जयहरीखाल 6 12
पौड़ी 5 10
यमकेश्वर 4 8
एकेश्वर 3 7
द्वारीखाल 2 4
दुगड्डा 1 2