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Kotdwar News: निर्भरता 25 हजार की और व्यवस्था के नाम पर औपचारिकता
Sun, 11 Jan 2026 06:07 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 11 Jan 2026 06:07 PM IST
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एआरवी और एएसवी टीकाकरण के लिए जाना पड़ता है 15 किलोमीटर दूर
कण्वघाटी/किशनपुर। भाबर के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (टाइप-ए) झंडीचौड़ में सीमित स्वास्थ्य सेवाओं का खामियाजा क्षेत्र की 25 हजार की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। एआरवी और एएसवी टीकाकरण के लिए 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से वैक्सीन स्वास्थ्य केंद्र पर ही उपलब्ध कराने की मांग की है।
संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह रावत, हिमांशु शाह, विशाल माने, सुमित्रा देवी, आकांक्षा रावत, अमन नेगी आदि का कहना है कि झंडीचौड़ उत्तरी, झंडीचौड़ पूर्वी, झंडीचौड़ पश्चिमी, गंदेरियाखाल, भूदेवपुर, चिल्लरखाल, जयदेवपुर समेत आसपास क्षेत्र की करीब 25 हजार की आबादी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झंडीचौड़ पर निर्भर है।
मरीजों वैक्सीन लगवाने के लिए 15 किमी दूर बेस अस्पताल कोटद्वार जाने को मजबूर होना पड़ता है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अधिकतर लोग मेहनत मजदूरी करने वाले हैं। इनकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर हैं। वैक्सीन लगवाने के लिए कोटद्वार जाने पर धन खर्च करना पड़ता है, साथ ही काम भी छोड़ना पड़ता है। इससे आर्थिक हानि होती है। बार बार अस्पताल प्रबंधन से मांग करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
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अस्पताल की ओर से समय समय पर उच्चाधिकारियों को वैक्सीन की डिमांड भेजी जाती है। डिमांड के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध नहीं होती।
-डॉ. मनोज कुमार, चिकित्साधिकारी, एपीएचसी झंडीचौड़।
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कण्वघाटी/किशनपुर। भाबर के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (टाइप-ए) झंडीचौड़ में सीमित स्वास्थ्य सेवाओं का खामियाजा क्षेत्र की 25 हजार की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। एआरवी और एएसवी टीकाकरण के लिए 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से वैक्सीन स्वास्थ्य केंद्र पर ही उपलब्ध कराने की मांग की है।
संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह रावत, हिमांशु शाह, विशाल माने, सुमित्रा देवी, आकांक्षा रावत, अमन नेगी आदि का कहना है कि झंडीचौड़ उत्तरी, झंडीचौड़ पूर्वी, झंडीचौड़ पश्चिमी, गंदेरियाखाल, भूदेवपुर, चिल्लरखाल, जयदेवपुर समेत आसपास क्षेत्र की करीब 25 हजार की आबादी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झंडीचौड़ पर निर्भर है।
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मरीजों वैक्सीन लगवाने के लिए 15 किमी दूर बेस अस्पताल कोटद्वार जाने को मजबूर होना पड़ता है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अधिकतर लोग मेहनत मजदूरी करने वाले हैं। इनकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर हैं। वैक्सीन लगवाने के लिए कोटद्वार जाने पर धन खर्च करना पड़ता है, साथ ही काम भी छोड़ना पड़ता है। इससे आर्थिक हानि होती है। बार बार अस्पताल प्रबंधन से मांग करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
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अस्पताल की ओर से समय समय पर उच्चाधिकारियों को वैक्सीन की डिमांड भेजी जाती है। डिमांड के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध नहीं होती।
-डॉ. मनोज कुमार, चिकित्साधिकारी, एपीएचसी झंडीचौड़।