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Kotdwar News: श्रीनगर उप जिला अस्पताल को मिला 3.80 करोड़ का बजट, लगेगी सीटी स्कैन मशीन
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श्रीनगर। उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर की स्वास्थ्य सुविधाएं जल्द ही और बेहतर होंगी। जल्द ही अस्पताल में एक सीटी स्कैन मशीन भी लगाई जाएगी जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अस्पताल को विभिन्न मदों के लिए कुल 3.80 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में हुई चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अस्पताल में फुली ऑटोमेटिक सीबीसी एनालाइजर और हार्मोनल एनालाइजर मशीन खरीदने का फैसला किया गया जिससे खून और हार्मोन से जुड़ी जांचें अब और भी तेज और सटीक हो सकेंगी।
इसके अलावा पौड़ी जिला चिकित्सालय की दो सीटी स्कैन मशीनों में से एक को श्रीनगर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ है। ऊर्जा की लागत कम करने और बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए अस्पताल परिसर में सोलर सिस्टम लगाने का प्रस्ताव उरेडा (उत्तराखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) को भेजा जाएगा।
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मरीजों को मिलेंगी एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. विमल गुसाईं ने बताया कि उनका लगातार प्रयास है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलें और उन्हें जांच और उपचार के लिए कहीं और न भटकना पड़े। इन नए प्रस्तावों से अस्पताल की सेवाओं में काफी सुधार आने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में हुई चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अस्पताल में फुली ऑटोमेटिक सीबीसी एनालाइजर और हार्मोनल एनालाइजर मशीन खरीदने का फैसला किया गया जिससे खून और हार्मोन से जुड़ी जांचें अब और भी तेज और सटीक हो सकेंगी।
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इसके अलावा पौड़ी जिला चिकित्सालय की दो सीटी स्कैन मशीनों में से एक को श्रीनगर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ है। ऊर्जा की लागत कम करने और बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए अस्पताल परिसर में सोलर सिस्टम लगाने का प्रस्ताव उरेडा (उत्तराखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) को भेजा जाएगा।
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मरीजों को मिलेंगी एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. विमल गुसाईं ने बताया कि उनका लगातार प्रयास है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलें और उन्हें जांच और उपचार के लिए कहीं और न भटकना पड़े। इन नए प्रस्तावों से अस्पताल की सेवाओं में काफी सुधार आने की उम्मीद है।