फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   rotten potatoes in mandi

सब्जी मंडी में सड़ रहे आलू

Mon, 28 Dec 2015 09:59 PM IST
कोटद्वार
कोटद्वार Updated Mon, 28 Dec 2015 09:59 PM IST
विज्ञापन
प्रशासन और मंडी समिति की गलत नीतियों के कारण कोटद्वार की नई थोक सब्जी मंडी बीरान होने की कगार पर पहुंच गई है। प्रशासन की नई व्यवस्था ने नई थोक मंडी में शिफ्ट हुए फल सब्जी व्यापारी बर्बादी की कगार पर खड़े हो गए हैं। आलम यह है कि एक वर्ष के अंदर मंडी में पहुंचे 75 व्यापारियों में से अब मात्र 10 आढ़ती ही मंडी में ग्राहकों की राह ताक रहे हैं। उनकी अधिकतर सब्जियां सड़ चुकी हैं। व्यापारी मंडी समिति से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन

एक जनवरी 2014 को खूनीबड़ में बनी नवनिर्मित मंडी में गाड़ी पड़ाव से सब्जी और फल थोक बिक्रेताओं को शिफ्ट कर दिया गया था। उस वक्त प्रशासन और मंडी समिति ने आश्वासन दिया था कि कोटद्वार में किसी भी फुटकर बिक्रेता को सब्जी या फल बेचने के लिए नई मंडी से ही सामान खरीदना पड़ेगा। इसके लिए बकायदा कौडिया में मंडी समिति के कर्मचारी जांच के लिए लगाए गए थे। कुछ दिनों तक तो यह व्यवस्था ठीक चली। लेकिन, प्रशासन और मंडी समिति की लापरवाही के कारण मंडी समिति का फल सब्जी व्यापारियों से नियंत्रण खत्म हो गया। वर्तमान में स्थिति यह है 75 व्यापारियों में से मात्र दस व्यापारी ही नई मंडी में रह गए हैं।
विज्ञापन

.
व्यापारी घाटे में, सड़ रही सब्जी  
नई मंडी के व्यापारी एक वर्ष से लाखों के घाटे में चल रहे हैं। मंडी में जगह-जगह सड़े टमाटरों और आलू का ढेर लगा है। नरेश कुमार का 60 कुंतल आलू ग्राहकों की इंतजारी में सड़ गया है। मंडी में टिमाटरों का ढेर लगा हुआ है, लेकिन खरीददार नहीं होने के कारण खराब होने की कगार पर है। मंडी समिति और प्रशासन की बेरुखी के कारण व्यापारी मायूस हैं। उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

.
परेशानी व्यापारियों की जुबानी
थोक बिक्रेता मोहम्मद शहजाद, अजीजोरहमान, गुलजार अहमद, अब्दुल रव, इस्लामुद्दीन ने मंडी समिति पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि नजीबाबाद से लगातार माल आ रहा है। लेकिन, वह मंडी में न आकर सीधा बाजार में पहुंच रहा है।  जबकि प्रशासन ने बाहर से सब्जी सीधे बाजार ले जाने पर प्रतिबंध लगाने का आश्वासन दिया था। यहां पर शिफ्ट होने से तो व्यापारी बर्बाद हो गए हैं। प्रशासन ने हमको यहां पर फेंक दिया, अब कोई देखने भी नहीं आ रहा है। हर दुकान के आगे सड़ी सब्जियों के ढेर लगे हैं। लेकिन सब्जी फल व्यापारियों की इस पीड़ा को देखने वाला कोई नहीं है।

क्या कहते हैं मंडी समिति के अध्यक्ष
नजीबाबाद से फड़वाले छोटे हाथियों में भरकर सब्जियां लाते हैं, यह सब्जी उन्हें थोक मंडी से सस्ती पड़ती है, जिसके कारण थोक मंडी में जाने को कोई तैयार नहीं होता है। कई बार सब्जियां पकड़ने की कार्रवाई भी की गई, लेकिन सब्जी जल्दी खराब होने के कारण योजना कामयाब नहीं हो पा रही है।

-महेंद्र सिंह बिष्ट, अध्यक्ष मंडी समिति


मो. अकरम बने फल सब्जी आड़ती फ्रूट एसोसिएशन के अध्यक्ष
मंडी की हालत में सुधार लाने के लिए फल सब्जी आड़ती फ्रूट एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव किया गया। जिसमें मोहम्मद अकरम राइन को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। नव नियुक्त अध्यक्ष अकरम ने बताया कि मंडी की रौनक को लौटाने के लिए मंडी समिति पर दबाव डाला जाएगा। नजीबाबाद से आ रही सब्जियों को पहले मंडी में लाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed