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Kotdwar News: आरटीआई में लापरवाही पर तीन पीसीएस अधिकारियों पर जुर्माना
Wed, 26 Aug 2026 06:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 26 Aug 2026 06:28 PM IST
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कोटद्वार। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतना तत्कालीन तीन लोक सूचना अधिकारियों को भारी पड़ा। राज्य सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुंवर ने एक मामले में तीनों अधिकारियों पर कुल 25 हजार रुपये की जुर्माना लगाया है। आयोग ने पाया कि करीब दो साल से अधिक समय बीतने के बावजूद शिकायतकर्ता को मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।
शिकायतकर्ता मुजीब नैथानी ने जिला विकास प्राधिकरण से संबंधित सूचनाएं मांगी थीं। मामला अवैध निर्माण और उससे संबंधित कार्रवाई के अभिलेखों से जुड़ा था। पूर्व में आयोग के आदेश के बावजूद सूचना उपलब्ध कराने में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी रहे अधिकारियों ने न तो शिकायतकर्ता को सूचना उपलब्ध कराई और न ही प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई की। इसे आरटीआई अधिनियम, 2005 के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए आयोग ने उनके स्पष्टीकरण अस्वीकार कर दिए।
आयोग ने तत्कालीन एसडीएम लैंसडौन शालिनी मौर्य पर 10 हजार, तत्कालीन संयुक्त सचिव जिला विकास प्राधिकरण सोहन सिंह सैनी पर 20 हजार और तत्कालीन एसडीएम कोटद्वार प्रमोद कुमार पर एक हजार का जुर्माना लगाया। वहीं, वर्तमान लोक सूचना अधिकारी संदीप कुमार और तत्कालीन एसडीएम चतर सिंह चौहान के संबंध में कारण बताओ नोटिस वापस लेते हुए कार्रवाई समाप्त कर दी गई। आयोग ने जुर्माना नियमानुसार वसूल कर संबंधित अधिकारियों को सूचना आयोग को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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शिकायतकर्ता मुजीब नैथानी ने जिला विकास प्राधिकरण से संबंधित सूचनाएं मांगी थीं। मामला अवैध निर्माण और उससे संबंधित कार्रवाई के अभिलेखों से जुड़ा था। पूर्व में आयोग के आदेश के बावजूद सूचना उपलब्ध कराने में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी रहे अधिकारियों ने न तो शिकायतकर्ता को सूचना उपलब्ध कराई और न ही प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई की। इसे आरटीआई अधिनियम, 2005 के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए आयोग ने उनके स्पष्टीकरण अस्वीकार कर दिए।
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आयोग ने तत्कालीन एसडीएम लैंसडौन शालिनी मौर्य पर 10 हजार, तत्कालीन संयुक्त सचिव जिला विकास प्राधिकरण सोहन सिंह सैनी पर 20 हजार और तत्कालीन एसडीएम कोटद्वार प्रमोद कुमार पर एक हजार का जुर्माना लगाया। वहीं, वर्तमान लोक सूचना अधिकारी संदीप कुमार और तत्कालीन एसडीएम चतर सिंह चौहान के संबंध में कारण बताओ नोटिस वापस लेते हुए कार्रवाई समाप्त कर दी गई। आयोग ने जुर्माना नियमानुसार वसूल कर संबंधित अधिकारियों को सूचना आयोग को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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