फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Repair of irrigation canals was not done, tenants worried

तीन साल से नहीं हुई सिंचाई नहरों की मरम्मत, काश्तकार परेशान

Sun, 25 Oct 2020 07:59 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2020 07:59 PM IST
विज्ञापन
Repair of irrigation canals was not done, tenants worried
नगर निगम बनने के तीन साल बाद भी मुख्य नहरों के साथ ही गांवों की सिंचाई गूलों की मरम्मत न होने से काश्तकार परेशान हैं। सिंचाई विभाग ने आपदा में क्षतिग्रस्त इन नहरों और गूलों को दुरुस्त करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है। काश्तकारों का आरोप है कि नगर निगम बनने के बाद इसमें शामिल गांवों में नहरों और गूलों की मरम्मत के लिए तीन साल से पैसा आवंटित नहीं हो रहा है, जिससे काश्तकारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विज्ञापन

8 दिसंबर, 2017 को प्रदेश सरकार ने सनेह समेत कोटद्वार भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के 73 राजस्व गांवों को नगर पालिका में शामिल करते हुए नगर निगम बना दिया। निगम बनने के तीन साल बाद भी काश्तकारों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। ग्राम पंचायतों के समय में बड़ी नहरों और सिंचाई गूलों के रखरखाव व मरम्मत का कार्य सिंचाई विभाग करती थी। इसके लिए ग्राम पंचायतों को मनरेगा, नाबार्ड और ब्लॉक से बजट मिल जाता था, लेकिन नगर निगम बनने के बाद इन मदों से बजट मिलना बंद हो गया। तभी से सनेह, सुखरो और भाबर की सिंचाई गूलों की स्थिति बदहाल हो गई। काश्तकार तीन साल से क्षेत्र की सिंचाई गूलों की मरम्मत और सफाई की मांग करते आ रहे हैं। काश्तकार ज्ञान सिंह नेगी, जेपी बहुखंडी, पार्षद राकेश बिष्ट, जगदीश मेहरा, विवेक शाह, सुखपाल शाह, राजाराम अणथ्वाल, विजय ध्यानी, मोहन सिंह आदि ने कहा कि नगर निगम बनने के बाद नहरों और गूलों की मरम्मत करवाना मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed