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Kotdwar News: पुलिस ने बावरिया गैंग की 10 हजार की इनामी लीडर को राजस्थान से दबोचा
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कोटद्वार। कोतवाली पुलिस ने चेन स्नेचिंग के मामले में फरार चल रही बावरिया गैंग की 10 हजार की इनामी गैंग लीडर को राजस्थान से पकड़ा है। पुलिस उसके दो साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रही थी। पुलिस ने आरोपी महिला को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेज दिया गया है।
कोतवाल रमेश तनवर ने बताया कि गत 15 जून को मोहनपुर, पोस्ट भागूवाला निवासी कांति देवी ने कोतवाली पुलिस को दिए शिकायती प्रार्थनापत्र में कहा था कि वह लालबत्ती चौराहे से ऑटो में बैठकर नींबूचौड़ स्थित अपने मायके जा रही थी। इस दौरान तीन अज्ञात महिलाओं ने उसकी दो सोने की चेन झपट्टा मारकर लूट ली थीं। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने 17 जून को मामले में करिश्मा निवासी ग्राम सर्वेश्वर नगर, खलेड़ी, जिला दौसा, राजस्थान और निशा कुमारी निवासी ग्राम नंगला सवाईरामा, तहसील कुमैर, जिला डींग, राजस्थान को पुलिंडा तिराहा के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपी बावरिया गैंग की गैंग लीडर सोनी तब से लगातार फरार चल रही थी।
एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह ने लूट की घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम के गठन के निर्देश कोतवाली पुलिस को दिए थे। फरार चल रही मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन महिला शातिर किस्म की होने के कारण वह लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रही थी। एसएसपी पौड़ी ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस टीम ने पुनः कुशल रणनीति बनाकर सर्विलांस, मुखबिर आदि की मदद से पतारसी कर विभिन्न प्रदेशों में दबिश देने के बाद ग्राम सर्वेश्वर नगर, खेलड़ी, जिला दौसा, राजस्थान निवासी इनामी अभियुक्त सोनी देवी को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार कर लिया।
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कोतवाल रमेश तनवर ने बताया कि गत 15 जून को मोहनपुर, पोस्ट भागूवाला निवासी कांति देवी ने कोतवाली पुलिस को दिए शिकायती प्रार्थनापत्र में कहा था कि वह लालबत्ती चौराहे से ऑटो में बैठकर नींबूचौड़ स्थित अपने मायके जा रही थी। इस दौरान तीन अज्ञात महिलाओं ने उसकी दो सोने की चेन झपट्टा मारकर लूट ली थीं। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने 17 जून को मामले में करिश्मा निवासी ग्राम सर्वेश्वर नगर, खलेड़ी, जिला दौसा, राजस्थान और निशा कुमारी निवासी ग्राम नंगला सवाईरामा, तहसील कुमैर, जिला डींग, राजस्थान को पुलिंडा तिराहा के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपी बावरिया गैंग की गैंग लीडर सोनी तब से लगातार फरार चल रही थी।
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एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह ने लूट की घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम के गठन के निर्देश कोतवाली पुलिस को दिए थे। फरार चल रही मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन महिला शातिर किस्म की होने के कारण वह लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रही थी। एसएसपी पौड़ी ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस टीम ने पुनः कुशल रणनीति बनाकर सर्विलांस, मुखबिर आदि की मदद से पतारसी कर विभिन्न प्रदेशों में दबिश देने के बाद ग्राम सर्वेश्वर नगर, खेलड़ी, जिला दौसा, राजस्थान निवासी इनामी अभियुक्त सोनी देवी को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार कर लिया।
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