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Kotdwar News: संस्कृत सीखें, आम बोलचाल में इसका प्रयोग कर बनाएं सशक्त
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कोटद्वार। संस्कृत भारती की ओर से मालिनी वैली कॉलेज ऑफ एजुकेशन मोटाढाक में सात दिवसीय संस्कृत भाषा कार्यशाला शुरू हो गई है। इस मौके पर वक्ताओं ने संस्कृत सीखकर इसे आम बोलचाल की भाषा में प्रयोग कर भारतीय संस्कृति को सशक्त बनाने पर जोर दिया।
कार्यशाला में डॉ. कुलदीप मैंदोला ने संस्कृत शब्दों की विस्तृत और संस्कृत में नए शब्द गढ़ने की क्षमता पर प्रकाश डाला। दीपक गौड़ ने अंग्रेजी व हिन्दी भाषा के साथ ही संस्कृत सीखने पर जोर दिया। एसएन नौटियाल ने कहा कि हमारे सारे शास्त्र संस्कृत में ही है। संस्कृत भारती के नगर अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानाचार्य डाॅ. रमाकांत कुकरेती ने कहा कि हम सब प्रतिदिन हिन्दी एवं अन्य भाषाओं में संस्कृत ही बोल रहे हैं। संस्कृत संभाषण के बाद हमें इसका पता लग पाता है। मनमोहन काला ने कहा कि हम जो संस्कृत सुक्तियां बोलते हैं, वो हमारे शास्त्रों के सिद्धांत हैं। डाॅ. संगीता नेगी ने कहा कि संस्कृत हमारे भारत की सांस्कृतिक भाषा है। आंचल बिष्ट ने ध्येय मंत्र व संभाषण करवाया। पंकज ध्यानी ने सभी का स्वागत करते हुए आभार जताया। उन्होंने बताया कि यह भाषा कार्यशाला 12 अगस्त तक चलेगी। संवाद
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कार्यशाला में डॉ. कुलदीप मैंदोला ने संस्कृत शब्दों की विस्तृत और संस्कृत में नए शब्द गढ़ने की क्षमता पर प्रकाश डाला। दीपक गौड़ ने अंग्रेजी व हिन्दी भाषा के साथ ही संस्कृत सीखने पर जोर दिया। एसएन नौटियाल ने कहा कि हमारे सारे शास्त्र संस्कृत में ही है। संस्कृत भारती के नगर अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानाचार्य डाॅ. रमाकांत कुकरेती ने कहा कि हम सब प्रतिदिन हिन्दी एवं अन्य भाषाओं में संस्कृत ही बोल रहे हैं। संस्कृत संभाषण के बाद हमें इसका पता लग पाता है। मनमोहन काला ने कहा कि हम जो संस्कृत सुक्तियां बोलते हैं, वो हमारे शास्त्रों के सिद्धांत हैं। डाॅ. संगीता नेगी ने कहा कि संस्कृत हमारे भारत की सांस्कृतिक भाषा है। आंचल बिष्ट ने ध्येय मंत्र व संभाषण करवाया। पंकज ध्यानी ने सभी का स्वागत करते हुए आभार जताया। उन्होंने बताया कि यह भाषा कार्यशाला 12 अगस्त तक चलेगी। संवाद
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