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रिखणीखाल और पोखड़ा ब्लाक में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर, कैसे मिले उपचार
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पौड़ी जिले के सुदूरवर्ती रिखणीखाल और पोखड़ा ब्लाक में स्वास्थ्य सुविधाएं वेंटिलेटर (श्वसन यंत्र) पर हैं। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता और चिकित्सकों की भारी कमी के कारण इन दोनों ब्लाकों के छह अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई है। इसके अलावा स्टाफ की भी भारी कमी है, जिसका खामियाजा ब्लाक की ग्रामीण जनता को भुगतना पड़ रहा है। ब्लॉक के अस्पताल रेफरल सेंटर बने हुए हैं और लोग बेस अस्पताल कोटद्वार और रामनगर स्थित सरकारी अस्पताल के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
रिखणीखाल ब्लाक में आठ स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिसमें से राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय रथुवाढाब और राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय द्वारी में चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई है। इन अस्पतालों में फार्मासिस्ट लोगों का उपचार कर रहे हैं। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल में छह माह पहले विधायक निधि से एक्स-रे मशीन लगाई गई है, लेकिन टेक्नीशियन की कमी के कारण मशीन धूल फांक रही है।
वहीं पोखड़ा ब्लाक के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा में एक चिकित्सक, एक स्टाफ नर्स और एक एएनएम का पद रिक्त चल रहा है। राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय देवराजखाल, राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय गवाणी और राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय कोलाखाल में चिकित्सक ही नहीं हैं। इसके अलावा नौ उप केंद्रों में एएनएम के पद भी रिक्त चल रहे हैं।
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चिकित्सकों और स्टाफ की कमी के कारण ब्लाक के स्वास्थ्य केंद्र मात्र मरहम पट्टी करने तक सीमित हैं। गंभीर बीमारी के मरीजों को सीधे बेस अस्पताल कोटद्वार या फिर सरकारी अस्पताल रामनगर रेफर कर दिया जाता है, जिसके कारण गरीब तबके के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष व प्रवक्ता वरिष्ठ कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप, कांग्रेस नेत्री रंजना रावत, अनुकृति गुसाईं, रघुवीर सिंह बिष्ट समेत कई जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से पोखड़ा, रिखणीखाल, बीरोंखाल और नैनीडांडा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त करने की मांग मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से की है।
रिखणीखाल और पोखड़ा ब्लाक में चिकित्सकों और स्टाफ की कमी की जानकारी है। चिकित्सकों की तैनाती के लिए आला अधिकारियों को लिखा गया है। शीघ्र सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की तैनाती करने के प्रयास किए जाएंगे। - डॉ. प्रवीन कुमार, सीएमओ पौड़ी।
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रिखणीखाल ब्लाक में आठ स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिसमें से राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय रथुवाढाब और राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय द्वारी में चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई है। इन अस्पतालों में फार्मासिस्ट लोगों का उपचार कर रहे हैं। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल में छह माह पहले विधायक निधि से एक्स-रे मशीन लगाई गई है, लेकिन टेक्नीशियन की कमी के कारण मशीन धूल फांक रही है।
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वहीं पोखड़ा ब्लाक के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा में एक चिकित्सक, एक स्टाफ नर्स और एक एएनएम का पद रिक्त चल रहा है। राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय देवराजखाल, राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय गवाणी और राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय कोलाखाल में चिकित्सक ही नहीं हैं। इसके अलावा नौ उप केंद्रों में एएनएम के पद भी रिक्त चल रहे हैं।
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चिकित्सकों और स्टाफ की कमी के कारण ब्लाक के स्वास्थ्य केंद्र मात्र मरहम पट्टी करने तक सीमित हैं। गंभीर बीमारी के मरीजों को सीधे बेस अस्पताल कोटद्वार या फिर सरकारी अस्पताल रामनगर रेफर कर दिया जाता है, जिसके कारण गरीब तबके के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष व प्रवक्ता वरिष्ठ कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप, कांग्रेस नेत्री रंजना रावत, अनुकृति गुसाईं, रघुवीर सिंह बिष्ट समेत कई जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से पोखड़ा, रिखणीखाल, बीरोंखाल और नैनीडांडा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त करने की मांग मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से की है।
रिखणीखाल और पोखड़ा ब्लाक में चिकित्सकों और स्टाफ की कमी की जानकारी है। चिकित्सकों की तैनाती के लिए आला अधिकारियों को लिखा गया है। शीघ्र सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की तैनाती करने के प्रयास किए जाएंगे। - डॉ. प्रवीन कुमार, सीएमओ पौड़ी।