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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Eight forest policy changes Grjenge agitator in Dehradun

वन नीति में परिवर्तन को आठ को देहरादून में गरजेंगे आंदोलनकारी

Thu, 05 May 2016 07:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार।
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार। Updated Thu, 05 May 2016 07:33 PM IST
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उत्तराखंड राज्य निर्माण चिन्हित आंदोलनकारी संयोजक मंडल की एक बैठक काशीरामपुर मिलिट्री रोड कार्यालय में आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में पैंतालिस प्रतिशत जंगल अग्निकांड की भेंट चढ़ गए। राज्य बनने के बाद अब तक वन अधिनियम में कोई संशोधन नहीं किया गया। इसी को लेकर आठ मई को देहरादून में गांधी पार्क देहरादून में एक विचार गोष्ठी का आयोजन कर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

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क्षेत्रीय जनता को भवन बनाने के लिए रेत, बजरी, पत्थर का निरंतर अभाव बना हुआ है। कृषकों और पशुपालकों को जंगली जानवरों से निरंतर हानि हो रही है। वक्ताओं ने कहा कि वन नीति को परिवर्तन करने की मांग को लेकर सभी आंदोलनकारी आठ मई को गांधी पार्क देहरादून में एक विचार गोष्ठी का आयोजन कर धरना-प्रदर्शन करेंगे। बैठक के बाद मंडल के केंद्रीय संयोजक नंदन सिंह रावत के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर राज्य के जंगलों में लगी आग को देखते हुए राज्य को विशेष धनराशि देने की मांग करते हुए चकबंदी, वन नीति और विकास नीति में परिवर्तन करने की मांग की। इस अवसर पर शशिकांत, सुधा सती, जगदीश सिंह राणा, दिनेश चंद्र जुयाल, जगमोहन सिह रावत, बलवंत सिंह रावत, दीपू बिष्ट, अजय रावत, गोपालकृष्ण बडथ्वाल, राकेश भाटिया, मतलूब अहमद आदि मौजूद थे।

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