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बेस अस्पताल में बुखार के 20 फीसदी मरीजों में डेंगू के लक्षण
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कोटद्वार। नगर निगम की लापरवाही कोटद्वार में डेंगू के मरीज बढ़ा दिए हैं। बेस अस्पताल में पहुंचने वाले बुखार के 20 फीसदी मरीजों में डेंगू के लक्षण नजर आ रहे हैं। पैथोलॉजी लैब में मलेरिया और डेंगू की जांच कराने वालों का जमघट लगा हुआ है। बेस कोटद्वार में एक माह के दौरान डेंगू से चार लोगों की मौत होने के बावजूद निगम फॉगिंग और कीटनाशक का छिड़काव नहीं करवा रहा है।
नगर निगम के 40 वार्डों में बरसात के बाद अब मच्छरों की भरमार हो गई है। इस कारण लोग डेंगू और मलेरिया के ज्यादा शिकार हो रहे हैं। बेस अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 15 दिनों में अस्पताल में करीब 30 लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। बाजार चौकी प्रभारी कैलाश सेमवाल समेत करीब 10 लोगों को डेेंगू वार्ड में भर्ती किया गया है। इसके अलावा मेडिकल वार्ड में कई बुखार और मलेरिया के मरीजों को भर्ती किया गया। प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू का उपचार करने वालों की तादात सबसे अधिक है।
नगर निगम की ओर से लाखों की लागत से कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग मशीनों को खरीदा गया है लेकिन इस्तेमाल नहीं होने पर मशीनें खराब होकर शोपीस बनकर रह गई हैं। बरसात से लेकर अब तक नगर निगम क्षेत्र में फॉगिंग नहीं की गई। इस कारण क्षेत्र में मच्छरों की भरमार है और लोग परेशान हैं।
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मशीन में खराबी आने के कारण फॉगिंग नहीं हो पा रही है। मशीन की मरम्मत होने के बाद क्षेत्र में फॉगिंग शुरू की जाएगी। - सुखवीर सिंह, सफाई निरीक्षक नगर निगम कोटद्वार
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बेस अस्पताल में अधिकतर बुखार के मरीज आ रहे हैं। करीब 20 प्रतिशत मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए जा रहे हैं। लोगों को डेंगू की जांच के कराने के लिए कहा जा रहा है। बेस अस्पताल के डेंगू वार्ड में वर्तमान में 10 लोगों का उपचार चल रहा है। - डॉ. जेसी ध्यानी, वरिष्ठ फिजीशियन बेस अस्पताल कोटद्वार
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उपचार के दौरान डेंगू से पीड़ित एक महिला की मौत
कोटद्वार। रविवार को कोटद्वार में डेंगू का शिकार हुई एक महिला की मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पार्षद कविता मित्तल ने बताया कि गोविंदनगर निवासी कंचन मल्होत्रा (55) पत्नी नरेश मल्होत्रा को कुछ दिन पहले तेज बुखार हुआ था। उन्होंने बेस अस्पताल में उपचार कराया। डेंगू की पुष्टि होने पर परिजन महिला को उपचार के लिए मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए। वहां उनका उपचार चल रहा था। रविवार को उपचार के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मृत्यु हो गई। व्यापार मंडल समेत अनेक सामाजिक संगठनों ने उनकी मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्ति की है।
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नगर निगम के 40 वार्डों में बरसात के बाद अब मच्छरों की भरमार हो गई है। इस कारण लोग डेंगू और मलेरिया के ज्यादा शिकार हो रहे हैं। बेस अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 15 दिनों में अस्पताल में करीब 30 लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। बाजार चौकी प्रभारी कैलाश सेमवाल समेत करीब 10 लोगों को डेेंगू वार्ड में भर्ती किया गया है। इसके अलावा मेडिकल वार्ड में कई बुखार और मलेरिया के मरीजों को भर्ती किया गया। प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू का उपचार करने वालों की तादात सबसे अधिक है।
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नगर निगम की ओर से लाखों की लागत से कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग मशीनों को खरीदा गया है लेकिन इस्तेमाल नहीं होने पर मशीनें खराब होकर शोपीस बनकर रह गई हैं। बरसात से लेकर अब तक नगर निगम क्षेत्र में फॉगिंग नहीं की गई। इस कारण क्षेत्र में मच्छरों की भरमार है और लोग परेशान हैं।
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मशीन में खराबी आने के कारण फॉगिंग नहीं हो पा रही है। मशीन की मरम्मत होने के बाद क्षेत्र में फॉगिंग शुरू की जाएगी। - सुखवीर सिंह, सफाई निरीक्षक नगर निगम कोटद्वार
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बेस अस्पताल में अधिकतर बुखार के मरीज आ रहे हैं। करीब 20 प्रतिशत मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए जा रहे हैं। लोगों को डेंगू की जांच के कराने के लिए कहा जा रहा है। बेस अस्पताल के डेंगू वार्ड में वर्तमान में 10 लोगों का उपचार चल रहा है। - डॉ. जेसी ध्यानी, वरिष्ठ फिजीशियन बेस अस्पताल कोटद्वार
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उपचार के दौरान डेंगू से पीड़ित एक महिला की मौत
कोटद्वार। रविवार को कोटद्वार में डेंगू का शिकार हुई एक महिला की मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पार्षद कविता मित्तल ने बताया कि गोविंदनगर निवासी कंचन मल्होत्रा (55) पत्नी नरेश मल्होत्रा को कुछ दिन पहले तेज बुखार हुआ था। उन्होंने बेस अस्पताल में उपचार कराया। डेंगू की पुष्टि होने पर परिजन महिला को उपचार के लिए मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए। वहां उनका उपचार चल रहा था। रविवार को उपचार के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मृत्यु हो गई। व्यापार मंडल समेत अनेक सामाजिक संगठनों ने उनकी मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्ति की है।