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काशीपुर-बुआखाल हाईवे बदहाल, कब होगा डामरीकरण
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:31 PM IST
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बीरोंखाल। लोक निर्माण विभाग की सुस्ती का खामियाजा बीरोंखाल ब्लॉक के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ब्लॉक के अंतर्गत काशीपुर-बुआखाल हाईवे के करीब 20 किमी. सड़क गड्ढों में तबदील हो गई है। लोग पिछले दो माह से हिचकोले खाकर सफर कर रहे हैं। सड़क पर दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है, लेकन संबंधित महकमा सड़क की डामरीकरण के लिए लापरवाह बना हुआ है।
अगस्त माह में काशीपुर-बुआखाल हाईवे पर बरसात में सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। विभाग से समय रहते मार्ग की मरम्मत नहीं की। इसके कारण ग्राम नाकुरी मैठाणाघाट कोठिला से दीवा मंदिर तक जगह-जगह पड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। जर्जर हाईवे पर हादसे की आशंका बनी हुई है। विभागीय सुस्ती के कारण लोग खतरे में सफर करने को मजबूर हैं।
जिला पंचायत सदस्य यशपाल सिंह पटवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन सिंह सजवाण, संतोष गौनियाल, शाकंबर सिंह, नरेश रावत, गजेंद्र सिंह गौनियाल ने विभाग पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि सड़क ही हालत जर्जर है। बार-बार बीडीसी बैठकों में मामला उठाया गया। विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन, विभाग सड़क पर डामरीकरण नहीं कर रहा है। शीघ्र मार्ग का डामरीकरण नहीं किए जाने पर आंदोलन किया जाएगा।
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उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नरेंद्र सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़क के डामरीकरण के लिए दस करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट की मंजूरी मिलते ही मार्ग पर कार्य शुरू किया जाएगा।
- फोटो-
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अगस्त माह में काशीपुर-बुआखाल हाईवे पर बरसात में सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। विभाग से समय रहते मार्ग की मरम्मत नहीं की। इसके कारण ग्राम नाकुरी मैठाणाघाट कोठिला से दीवा मंदिर तक जगह-जगह पड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। जर्जर हाईवे पर हादसे की आशंका बनी हुई है। विभागीय सुस्ती के कारण लोग खतरे में सफर करने को मजबूर हैं।
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जिला पंचायत सदस्य यशपाल सिंह पटवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन सिंह सजवाण, संतोष गौनियाल, शाकंबर सिंह, नरेश रावत, गजेंद्र सिंह गौनियाल ने विभाग पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि सड़क ही हालत जर्जर है। बार-बार बीडीसी बैठकों में मामला उठाया गया। विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन, विभाग सड़क पर डामरीकरण नहीं कर रहा है। शीघ्र मार्ग का डामरीकरण नहीं किए जाने पर आंदोलन किया जाएगा।
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उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नरेंद्र सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़क के डामरीकरण के लिए दस करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट की मंजूरी मिलते ही मार्ग पर कार्य शुरू किया जाएगा।
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