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जयहरीखाल में नामांकन रद्द करने के लिए एनएसयूआई ने दिया सांकेतिक धरना
Updated Fri, 07 Sep 2018 10:40 PM IST
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जयहरीखाल (कोटद्वार)। डा. भक्त दर्शन स्नातकोत्तर कालेज सैलगांव जयहरीखाल में एनएसयूआई के छात्रों ने कालेज प्रशासन पर नियमों को ताक पर रखकर नामांकन की अंतिम सूची जारी होने के बाद एबीवीपी समर्थित प्रत्याशियों का नाम सूची में दर्ज करने का आरोप लगाया है। आक्रोशित एनएसयूआई के छात्र बृहस्पतिवार देर रात गलत ढंग से किए गए नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर कालेज परिसर में सांकेतिक धरने पर बैठे। उधर, शुक्रवार को एक और सूची जारी करते हुए कालेज प्रशासन ने सचिव पर किरन का आवेदन निरस्त कर दिया है, जिससे अर्जुन सिंह रावत का निर्विरोध चयन तय हो गया है।
पीजी कालेज जयहरीखाल में छात्रसंघ चुनाव के प्रत्याशियों की सूची को लेकर बृहस्पतिवार देर शाम तक विवाद होता रहा। आक्रोशित छात्रों ने पीजी कालेज प्रशासन पर नियमों को ताक पर रखकर गलत ढंग से सूची जारी करने का आरोप लगाया है। कहा कि एबीवीपी समर्पित छात्रों का रिजल्ट नामांकन के दौरान तक नहीं खुल पाया था। बुधवार को कालेज प्रशासन की ओर से नामांकन पत्रों की जांच के बाद वैध प्रत्याशियों की अंतिम सूची तक जारी कर दी गई थी। एनएसयूआई के छात्रों का आरोप है कि एबीवीपी समर्थित छात्रों का रिजल्ट नामांकन की अंतिम सूची जारी होने तक नहीं खुला था। कालेज प्रशासन की ओर से प्रत्याशियों से महज शपथ पत्र लेकर न सिर्फ नामांकन करवा दिया गया, बल्कि अंतिम सूची जारी होने के एक दिन बाद बृहस्पतिवार की शाम को छात्रों की मार्कशीट जमा कर कागजी कार्यवाही निपटा ली गई। सांकेतिक धरना देने वालों में एनएसयूआई के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सौरभ नेगी, अंकित रावत, मो. एनस, कुलभूषण, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष नेगी, राहुल व शिवम मुख्य रूप से शामिल हैं।
प्रभारी प्राचार्य डा. रामसूरत व छात्र संघ प्रभारी डा. पंकज कुमार का कहना है कि नामांकन की अंतिम सूची जारी होने तक छात्रों का रिजल्ट नहीं खुला था, इसलिए उनसे शपथपत्र लेकर छात्रों का नामांकन करवा दिया गया था। कालेज प्रशासन की ओर से शुक्रवार को वैध प्रत्याशियों की एक और सूची जारी की गई है, जिसमें सचिव पद पर किरन का आवेदन निरस्त कर दिया। सचिव पद पर अब अर्जुन सिंह रावत के निर्विरोध चयन का रास्ता प्रशस्त हो गया।
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पीजी कालेज जयहरीखाल में छात्रसंघ चुनाव के प्रत्याशियों की सूची को लेकर बृहस्पतिवार देर शाम तक विवाद होता रहा। आक्रोशित छात्रों ने पीजी कालेज प्रशासन पर नियमों को ताक पर रखकर गलत ढंग से सूची जारी करने का आरोप लगाया है। कहा कि एबीवीपी समर्पित छात्रों का रिजल्ट नामांकन के दौरान तक नहीं खुल पाया था। बुधवार को कालेज प्रशासन की ओर से नामांकन पत्रों की जांच के बाद वैध प्रत्याशियों की अंतिम सूची तक जारी कर दी गई थी। एनएसयूआई के छात्रों का आरोप है कि एबीवीपी समर्थित छात्रों का रिजल्ट नामांकन की अंतिम सूची जारी होने तक नहीं खुला था। कालेज प्रशासन की ओर से प्रत्याशियों से महज शपथ पत्र लेकर न सिर्फ नामांकन करवा दिया गया, बल्कि अंतिम सूची जारी होने के एक दिन बाद बृहस्पतिवार की शाम को छात्रों की मार्कशीट जमा कर कागजी कार्यवाही निपटा ली गई। सांकेतिक धरना देने वालों में एनएसयूआई के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सौरभ नेगी, अंकित रावत, मो. एनस, कुलभूषण, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष नेगी, राहुल व शिवम मुख्य रूप से शामिल हैं।
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प्रभारी प्राचार्य डा. रामसूरत व छात्र संघ प्रभारी डा. पंकज कुमार का कहना है कि नामांकन की अंतिम सूची जारी होने तक छात्रों का रिजल्ट नहीं खुला था, इसलिए उनसे शपथपत्र लेकर छात्रों का नामांकन करवा दिया गया था। कालेज प्रशासन की ओर से शुक्रवार को वैध प्रत्याशियों की एक और सूची जारी की गई है, जिसमें सचिव पद पर किरन का आवेदन निरस्त कर दिया। सचिव पद पर अब अर्जुन सिंह रावत के निर्विरोध चयन का रास्ता प्रशस्त हो गया।
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