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अस्पताल में इलाज के दौरान मौत होने पर ग्रामीणों ने काटा हंगामा
Updated Sat, 24 Nov 2018 11:27 PM IST
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बीरोंखाल। राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने महिला की मौत को डाक्टरों की लापरवाही बनाते हुए मामले की जांच की मांग की।
शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे बीरोंखाल ब्लाक के रिखाड़ गांव निवासी विनीता देवी (50) पत्नी दान सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोखाल पहुंचीं। नौ बजे उसने अस्पताल में तैनात डाक्टर अखिल चौहान को कमर में दर्द होने की शिकायत बताई। डाक्टर के कहने पर नर्स ने उस पर दर्द का इंजेक्शन लगाया और उसे अस्पताल में भर्ती कर दिया। करीब दो घंटे बाद महिला अपने घर को जाने लगी, लेकिन अस्पताल से बाहर निकलते गेट के पास उसे चक्कर आने लगे और वह जमीन पर गिर गई। महिला की हालत खराब होता देख ग्रामीण उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत पर ग्रामीण अनिल कुमार, भगत सिंह, महेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, मंगल सिंह, सैन सिंह, प्रमोद कुमार, प्रवीन व नरेश आदि ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने चिकित्सालय में जमकर हंगामा काटते हुए अस्पताल के चिकित्सकों पर महिला को गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विनीता देवी को सही से उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी।
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उधर, अस्पताल के चिकित्साधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि रिखाड़ गांव निवासी विनीता देवी को डाक्टर अखिल चौहान के निर्देश पर नर्स ने दर्द का इंजक्शन लगाया था। इंजेक्शन का रिएक्शन आधा घंटे के अंदर हो जाता है। दो घंटे तक एडमिट होने के बाद वह ठीक होकर 11 बजे वहां से चली गई थी।
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शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे बीरोंखाल ब्लाक के रिखाड़ गांव निवासी विनीता देवी (50) पत्नी दान सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोखाल पहुंचीं। नौ बजे उसने अस्पताल में तैनात डाक्टर अखिल चौहान को कमर में दर्द होने की शिकायत बताई। डाक्टर के कहने पर नर्स ने उस पर दर्द का इंजेक्शन लगाया और उसे अस्पताल में भर्ती कर दिया। करीब दो घंटे बाद महिला अपने घर को जाने लगी, लेकिन अस्पताल से बाहर निकलते गेट के पास उसे चक्कर आने लगे और वह जमीन पर गिर गई। महिला की हालत खराब होता देख ग्रामीण उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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महिला की मौत पर ग्रामीण अनिल कुमार, भगत सिंह, महेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, मंगल सिंह, सैन सिंह, प्रमोद कुमार, प्रवीन व नरेश आदि ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने चिकित्सालय में जमकर हंगामा काटते हुए अस्पताल के चिकित्सकों पर महिला को गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विनीता देवी को सही से उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी।
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उधर, अस्पताल के चिकित्साधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि रिखाड़ गांव निवासी विनीता देवी को डाक्टर अखिल चौहान के निर्देश पर नर्स ने दर्द का इंजक्शन लगाया था। इंजेक्शन का रिएक्शन आधा घंटे के अंदर हो जाता है। दो घंटे तक एडमिट होने के बाद वह ठीक होकर 11 बजे वहां से चली गई थी।