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खोह नदी में खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:44 PM IST
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कोटद्वार। खोह नदी में खनन और शीशम के पेड़ों को उखाड़े जाने के खिलाफ काशीरामपुर के ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। नदी में गलत तरीके से खनन करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीण राजेश नौटियाल ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
बुधवार को खनन के विरोध में ग्रामीणों ने भी खोह नदी के किनारे धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रशासन पर नदी चैनलाइजेशन के नाम पर अवैध खनन कराने का आरोप लगाया। कहा कि पोकलैंड और जेसीबी मशीनों द्वारा नदी में 15 से 20 फीट तक खोद दिया गया है। ट्रक और डंपरों को ओवरलोड कर खनन ढोया जा रहा है और नदी में उगे हुए शीशम के पेड़ों को उखाड़ दिए जाने के बाद भी खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर डीएम, एसडीएम, पुलिस और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इसके चलते मजबूरन ग्रामीणों को धरना और आमरण अनशन जैसा कदम उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से किए जा रहे खनन से गांव को खतरा पैदा हो गया है। शीघ्र इस पर रोक नहीं लगाई गई तो बरसात में गांव में बाढ़ आना तय है। इस अवसर पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज प्रसाद कांती, राजेश नौटियाल, चंद्रकांत बलोदी, प्रवीण थापा, कुलवंत रावत, गबर सिंह रावत, परमानंद जोशी, जोगेंद्र नेगी, सत्यप्रकाश ढौंडियाल, सीमा देवी, मधु चौहान, गीता देवी व परमेश्वरी देवी आदि मौजूद थे।
-फोटो
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बुधवार को खनन के विरोध में ग्रामीणों ने भी खोह नदी के किनारे धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रशासन पर नदी चैनलाइजेशन के नाम पर अवैध खनन कराने का आरोप लगाया। कहा कि पोकलैंड और जेसीबी मशीनों द्वारा नदी में 15 से 20 फीट तक खोद दिया गया है। ट्रक और डंपरों को ओवरलोड कर खनन ढोया जा रहा है और नदी में उगे हुए शीशम के पेड़ों को उखाड़ दिए जाने के बाद भी खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर डीएम, एसडीएम, पुलिस और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इसके चलते मजबूरन ग्रामीणों को धरना और आमरण अनशन जैसा कदम उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से किए जा रहे खनन से गांव को खतरा पैदा हो गया है। शीघ्र इस पर रोक नहीं लगाई गई तो बरसात में गांव में बाढ़ आना तय है। इस अवसर पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज प्रसाद कांती, राजेश नौटियाल, चंद्रकांत बलोदी, प्रवीण थापा, कुलवंत रावत, गबर सिंह रावत, परमानंद जोशी, जोगेंद्र नेगी, सत्यप्रकाश ढौंडियाल, सीमा देवी, मधु चौहान, गीता देवी व परमेश्वरी देवी आदि मौजूद थे।
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