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Kotdwar News: बिना उद्घाटन के ही रेलवे के नए भवन में बुकिंग कार्यालय संचालित
Wed, 26 Aug 2026 07:31 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 26 Aug 2026 07:31 PM IST
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शौचालय और पानी के लिए भटक रहे यात्री, उद्घाटन का हो रहा इंतजार
हस्तांतरित नहीं किया गया रेलवे का नया भवन
कोटद्वार। रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। नए भवन में पेयजल का प्रबंध नहीं किया गया है। टायलेट को ताला लगाकर बंद कर दिया गया है। उद्घाटन बगैर ही रेलवे के नए भवन में बुकिंग कार्यालय संचालित किया जा रहा है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत करोड़ों से कोटद्वार रेलवे स्टेशन के नए भवन का निर्माण किया गया है। नवनिर्मित दो मंजिला भवन अभी रेलवे को हस्तांतरित नहीं किया गया है। कार्यदायी संस्था ने भवन के विभिन्न कक्षों पर ताले लगे हैं। रेलवे स्टेशन के मुख्य हॉल में ही आरक्षित एवं अनारक्षित बुकिंग कार्यालय की खिड़कियों को खोलते हुए यात्रियों की ओर से टिकट लेने की व्यवस्था की गई है लेकिन यहां खड़े होने वाले यात्रियों के लिए पंखों को अक्सर नहीं चलाया जाता है।
वहीं, मुख्य हॉल से सटाकर बनाए गए शौचालय में श्रेणीवार बनाए टायलेट के दरवाजों पर ताले डाल रखे हैं। शौचालय परिसर में ही पेयजल की मशीन स्थापित की गई थी। उसे वहां से हटा दिया गया है। स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को अक्सर पंखे बंद मिलते हैं। प्लेटफार्म पर बने शौचालय पर भी ताला लटका है। यात्रियों को भटकना पड़ रहा है।
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अस्थायी शौचालय और पेयजल की मशीन
रेलवे स्टेशन भवन बनना शुरू होने पर खाली पड़े स्थान पर टिनशेड डालकर अस्थायी शौचालय बनाया गया था। इस शौचालय के आसपास काफी झाड़ियां होने, रास्ते में अवरोध होने और सूचना बोर्ड नहीं होने से यात्री इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वहीं, पेयजल की मशीन रेलवे पैनल रूम के पीछे लगी है। यात्रियों के आने-जाने का रास्ता नहीं होने से यात्रियों को इसका लाभ भी नहीं मिल रहा है।
कार्यदायी संस्था द्वारा भवन अभी रेलवे को हस्तांतरित नहीं किया गया है। विभिन्न कक्षों और शौचालयों आदि पर कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने ताले लगाए हुए हैं। -मनोज रावत, स्टेशन अधीक्षक, कोटद्वार।
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हस्तांतरित नहीं किया गया रेलवे का नया भवन
कोटद्वार। रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। नए भवन में पेयजल का प्रबंध नहीं किया गया है। टायलेट को ताला लगाकर बंद कर दिया गया है। उद्घाटन बगैर ही रेलवे के नए भवन में बुकिंग कार्यालय संचालित किया जा रहा है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत करोड़ों से कोटद्वार रेलवे स्टेशन के नए भवन का निर्माण किया गया है। नवनिर्मित दो मंजिला भवन अभी रेलवे को हस्तांतरित नहीं किया गया है। कार्यदायी संस्था ने भवन के विभिन्न कक्षों पर ताले लगे हैं। रेलवे स्टेशन के मुख्य हॉल में ही आरक्षित एवं अनारक्षित बुकिंग कार्यालय की खिड़कियों को खोलते हुए यात्रियों की ओर से टिकट लेने की व्यवस्था की गई है लेकिन यहां खड़े होने वाले यात्रियों के लिए पंखों को अक्सर नहीं चलाया जाता है।
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वहीं, मुख्य हॉल से सटाकर बनाए गए शौचालय में श्रेणीवार बनाए टायलेट के दरवाजों पर ताले डाल रखे हैं। शौचालय परिसर में ही पेयजल की मशीन स्थापित की गई थी। उसे वहां से हटा दिया गया है। स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को अक्सर पंखे बंद मिलते हैं। प्लेटफार्म पर बने शौचालय पर भी ताला लटका है। यात्रियों को भटकना पड़ रहा है।
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अस्थायी शौचालय और पेयजल की मशीन
रेलवे स्टेशन भवन बनना शुरू होने पर खाली पड़े स्थान पर टिनशेड डालकर अस्थायी शौचालय बनाया गया था। इस शौचालय के आसपास काफी झाड़ियां होने, रास्ते में अवरोध होने और सूचना बोर्ड नहीं होने से यात्री इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। वहीं, पेयजल की मशीन रेलवे पैनल रूम के पीछे लगी है। यात्रियों के आने-जाने का रास्ता नहीं होने से यात्रियों को इसका लाभ भी नहीं मिल रहा है।
कार्यदायी संस्था द्वारा भवन अभी रेलवे को हस्तांतरित नहीं किया गया है। विभिन्न कक्षों और शौचालयों आदि पर कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने ताले लगाए हुए हैं। -मनोज रावत, स्टेशन अधीक्षक, कोटद्वार।