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पूर्व सांसद यशवीर और सपा नेता सैफी की जमानत याचिका खारिज

Wed, 26 Jul 2017 10:34 PM IST
Updated Wed, 26 Jul 2017 10:34 PM IST
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पूर्व सांसद यशवीर और सपा नेता सैफी की जमानत याचिका खारिज
कोटद्वार। बिजनौर के जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण और मारपीट के आरोपी पूर्व सांसद यशवीर सिंह और सपा नेता रफी सैफी की जमानत याचिका अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दी है। पूर्व सांसद और सपा नेता ने गत 18 जुलाई को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।
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बचाव पक्ष की ओर से पूर्व सांसद यशवीर सिंह निवासी महमूदपुर थाना स्योहारा जिला बिजनौर और सपा नेता रफी सैफी निवासी रसूलपुर नंगला थाना चांदपुर जिला बिजनौर के जमानत प्रार्थना पत्र अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह की अदालत में दाखिल किए गए। अभियोजन पक्ष ने इसे गंभीर प्रकृति का अपराध बताते हुए जमानत का विरोध किया। शासकीय अधिवक्ता नसीम बेग ने बताया कि 18 जनवरी, 2013 को यूपी के जिला बिजनौर थाना मंडावली के नियामतपुर गांव निवासी रोहित कुमार पुत्र पवन कुमार ने लक्ष्मणझूला थाने में तत्कालीन कई सपा नेता, मंत्री और सांसद समेत 28 लोगों के खिलाफ जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें पूर्व सांसद यशवीर सिंह और सपा नेता रफी सैफी को भी नामजद किया गया था। बताया कि यह मामला जिला पंचायत चुनाव से जुड़ा है। इसमें कई जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मणझूला के एक रिसोर्ट में ठहरे हुए थे। आरोपियों ने जबरन उनके कमरे में घुसकर उनका अपहरण करवा लिया। इस मामले के अन्य आरोपी पूर्व में ही आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
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बुधवार को जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने इस मामले को पूरी तरह से राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित होकर दर्ज करवाया बताया। कहा कि आरोपी यशवीर सिंह और रफी सैफी ने गत 18 जुलाई को पौड़ी कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। उनके खिलाफ प्रथम दृष्ट्या कोई मामला नहीं बनता। उनके खिलाफ अन्य कोई आपराधिक मामला भी दर्ज नहीं है। आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है। मामले के अन्य आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावलियों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने दोनों के जमानत प्रार्थनापत्र को निरस्त होने योग्य पाया।
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