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..तो इस गर्मी में भी हजारों की आबादी को नहीं मिलेगा पर्याप्त पानी
Updated Tue, 12 Jun 2018 11:04 PM IST
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कोटद्वार। इस गर्मी में भी कोटद्वार और भाबर के हजारों लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा। वर्षों से पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों में इस बार की गर्मी में पर्याप्त मात्रा में उनके घर तक पानी पहुंचने की उम्मीद जगी थी, लेकिन सरकार योजना स्वीकृत करने के बाद उनके लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराना भूल गई। इसके कारण जल निगम द्वारा बनाए जा रहे कोटद्वार-भाबर क्षेत्र में पांच ओवर हेड टैंकों का कार्य ठप पड़ा हुआ है।
पेयजल किल्लत से परेशान लोगों की मांग पर सरकार ने आठ सितंबर 2016 को कोटद्वार के काशीरामपुर मल्ला, पदमपुर सुखरौ, शिवपुर और भाबर क्षेत्र के नंदपुर, झंडीचौड़ में करीब 472.16 लाख की लागत से बनने वाले ओवरहेड टैंक की स्वीकृति दी थी। इसमें सरकार ने 2017 में पहली किस्त के रूप में 105 लाख रुपये ही दिए। जल निगम ने भी सरकार से और बजट आने की उम्मीद में ठेकेदारों से अधिकतर ओवरहेड टैंकों में कार्य करा दिया, लेकिन सरकार की ओर से बजट नहीं पहुंचने और लाखों रुपये उधार होने के कारण विभागीय ठेकेदारों ने आगे कार्य कराने से हाथ खड़े कर दिए। इसके कारण अधिकतर ओवरहेड टैंकों का कार्य रुका हुआ है। लोग पेयजल किल्लत के चलते पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।
जल निगम कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार
ओवर हेड टैंक लागत लाख में मिला बजट
झंडीचौड़ 92.18 30 लाख
काशीरामपुर मल्ला 98.21 20 लाख
पदमपुर सुखरौ 97.52 30 लाख
शिवपुर 94.55 05 लाख
नंदपुर 89.70 20 लाख
क्या कहते हैं अधिकारी
कोटद्वार-भाबर क्षेत्र के लिए स्वीकृत पांच ओवरहेड टैंकों के निर्माण के लिए पहली किस्त के बाद दूसरी किस्त नहीं मिली है। ठेकेदारों का अधिक बकाया होने के चलते कार्य अधूरा पड़ा है। बजट आने पर ओवरहेड टैंकों का निर्माण पूरा किया जाएगा।
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- बाबूराम, अधिशासी अभियंता जल निगम कोटद्वार
-फोटो
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पेयजल किल्लत से परेशान लोगों की मांग पर सरकार ने आठ सितंबर 2016 को कोटद्वार के काशीरामपुर मल्ला, पदमपुर सुखरौ, शिवपुर और भाबर क्षेत्र के नंदपुर, झंडीचौड़ में करीब 472.16 लाख की लागत से बनने वाले ओवरहेड टैंक की स्वीकृति दी थी। इसमें सरकार ने 2017 में पहली किस्त के रूप में 105 लाख रुपये ही दिए। जल निगम ने भी सरकार से और बजट आने की उम्मीद में ठेकेदारों से अधिकतर ओवरहेड टैंकों में कार्य करा दिया, लेकिन सरकार की ओर से बजट नहीं पहुंचने और लाखों रुपये उधार होने के कारण विभागीय ठेकेदारों ने आगे कार्य कराने से हाथ खड़े कर दिए। इसके कारण अधिकतर ओवरहेड टैंकों का कार्य रुका हुआ है। लोग पेयजल किल्लत के चलते पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।
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जल निगम कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार
ओवर हेड टैंक लागत लाख में मिला बजट
झंडीचौड़ 92.18 30 लाख
काशीरामपुर मल्ला 98.21 20 लाख
पदमपुर सुखरौ 97.52 30 लाख
शिवपुर 94.55 05 लाख
नंदपुर 89.70 20 लाख
क्या कहते हैं अधिकारी
कोटद्वार-भाबर क्षेत्र के लिए स्वीकृत पांच ओवरहेड टैंकों के निर्माण के लिए पहली किस्त के बाद दूसरी किस्त नहीं मिली है। ठेकेदारों का अधिक बकाया होने के चलते कार्य अधूरा पड़ा है। बजट आने पर ओवरहेड टैंकों का निर्माण पूरा किया जाएगा।
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- बाबूराम, अधिशासी अभियंता जल निगम कोटद्वार
-फोटो