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शिक्षा व्यवस्था और सड़कों की बदहाली पर भड़के जनप्रतिनिधि
Updated Thu, 21 Dec 2017 10:49 PM IST
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कोटद्वार। जिला पंचायत पौड़ी की बैठक में शिक्षा, पेंशन और कृषि के मुद्दे छाए रहे। जनप्रतिनिधियों ने पौड़ी जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत ने अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने अधिकारियों के नहीं पहुंचने की बहानेबाजी करने पर उनको फटकार लगाई।
बृहस्पतिवार को बदरीनाथ मार्ग स्थित नगर निगम के प्रेक्षागृह में जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यमकेश्वर ब्लाक प्रमुख कृष्णा नेगी, जिला पंचायत सदस्य दुगड्डा भरत नेगी और पोखड़ा के जिला पंचायत सदस्य प्रवेश सुंद्रियाल ने जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी को जनपद में शिक्षा की बदहाली पर आड़े हाथों लिया। कहा कि दुगड्डा, पोखड़ा और यमकेश्वर ब्लाक के सरकारी प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल गिरने के कगार पर हैं। बच्चों की जान खतरे में है। किसी विद्यालय में दो बच्चों पर दो शिक्षक तो कहीं व्यवस्था पर पढ़ाई हो रही है। इस पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने जनप्रतिनिधियों से जिला पंचायत निधि से बजट स्वीकृत कराने के लिए विद्यालयों की सूची मांगी।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को आडे़ हाथों लिया। कहा कि एक वर्ष से लोगों को पेंशन नहीं मिल रही है। गौरा धन योजना की सुध लेने वाला कोई नहीं है। लोग पिछले एक वर्ष से पेंशन के लिए भटक रहे हैं। रिखणीखाल के जिला पंचायत सदस्य रमेश रावत ने कहा कि छात्राओं को इंटर करने के बाद योजना का लाभ मिलने को लेेकर विभाग असमंजस की स्थित पैदा कर रहा है।
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पाबो के जिला पंचायत सदस्य देवकी नंदन शाह और क्रमवीर भंडारी ने जिला कृषि अधिकारी पर एक वर्ष पहले मृदा के सैंपल ले जाने और आज तक उन्हें रिपोर्ट नहीं सौंपने का आरोप लगाया। एकेश्वर के जिला पंचायत सदस्य भगवान सिंह नेगी ने उद्यान विभाग पर दो वर्ष पूर्व से स्वीकृत पॉली हाउस नहीं देने का आरोप लगाया। यमकेश्वर जिला पंचायत सदस्य मीरा रतूड़ी ने पहाड़ों में पलायन को रोकने के लिए मनरेगा को खेती से जोड़ने का सुझाव दिया। बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी संतोष खेतवाल ने किया।
इंसेट:
वन मंत्री ने लगाई अधिकारियों को फटकार
जिला पंचायत की बैठक में पहुंचे वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने एनएच के ईई, जलागम प्रबंधन विभाग के अधिकारी के नहीं पहुंचने और उद्यान विभाग के अधिकारी को योजना की जानकारी नहीं होने पर उनको फटकार लगाई।
- फोटो
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बृहस्पतिवार को बदरीनाथ मार्ग स्थित नगर निगम के प्रेक्षागृह में जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यमकेश्वर ब्लाक प्रमुख कृष्णा नेगी, जिला पंचायत सदस्य दुगड्डा भरत नेगी और पोखड़ा के जिला पंचायत सदस्य प्रवेश सुंद्रियाल ने जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी को जनपद में शिक्षा की बदहाली पर आड़े हाथों लिया। कहा कि दुगड्डा, पोखड़ा और यमकेश्वर ब्लाक के सरकारी प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल गिरने के कगार पर हैं। बच्चों की जान खतरे में है। किसी विद्यालय में दो बच्चों पर दो शिक्षक तो कहीं व्यवस्था पर पढ़ाई हो रही है। इस पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने जनप्रतिनिधियों से जिला पंचायत निधि से बजट स्वीकृत कराने के लिए विद्यालयों की सूची मांगी।
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जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को आडे़ हाथों लिया। कहा कि एक वर्ष से लोगों को पेंशन नहीं मिल रही है। गौरा धन योजना की सुध लेने वाला कोई नहीं है। लोग पिछले एक वर्ष से पेंशन के लिए भटक रहे हैं। रिखणीखाल के जिला पंचायत सदस्य रमेश रावत ने कहा कि छात्राओं को इंटर करने के बाद योजना का लाभ मिलने को लेेकर विभाग असमंजस की स्थित पैदा कर रहा है।
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पाबो के जिला पंचायत सदस्य देवकी नंदन शाह और क्रमवीर भंडारी ने जिला कृषि अधिकारी पर एक वर्ष पहले मृदा के सैंपल ले जाने और आज तक उन्हें रिपोर्ट नहीं सौंपने का आरोप लगाया। एकेश्वर के जिला पंचायत सदस्य भगवान सिंह नेगी ने उद्यान विभाग पर दो वर्ष पूर्व से स्वीकृत पॉली हाउस नहीं देने का आरोप लगाया। यमकेश्वर जिला पंचायत सदस्य मीरा रतूड़ी ने पहाड़ों में पलायन को रोकने के लिए मनरेगा को खेती से जोड़ने का सुझाव दिया। बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी संतोष खेतवाल ने किया।
इंसेट:
वन मंत्री ने लगाई अधिकारियों को फटकार
जिला पंचायत की बैठक में पहुंचे वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने एनएच के ईई, जलागम प्रबंधन विभाग के अधिकारी के नहीं पहुंचने और उद्यान विभाग के अधिकारी को योजना की जानकारी नहीं होने पर उनको फटकार लगाई।
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