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पीएसीएल निवेशक और अभिकर्ताओं ने केंद्र के खिलाफ किया धरना-प्रदर्शन
Updated Fri, 24 Aug 2018 04:12 PM IST
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निवेशकों ने केंद्र के खिलाफ किया धरना-प्रदर्शन
रियल स्टेट कंपनी पीएसीएल पर है लोगों की लाखों की देनदारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चार साल बाद भी पैसा न लौटाने पर बिफरे
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। रियल स्टेट कंपनी पीएसीएल द्वारा निवेशकों का पैसा नहीं लौटाने से आक्रोशित अभिकर्ता और निवेशकों ने दूसरे दिन कोटद्वार तहसील मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उनके पैसे वापस दिलाने की मांग की।
शुक्रवार को पीएसीएल अभिकर्ता और निवेशक संघर्ष समिति के बैनर तले कोटद्वार-भाबर के लोग दूसरे दिन तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने इस मामले में सरकार के ढुलमुल रवैये की आलोचना की। समिति सदस्यों ने कहा कि जब कंपनी ने उनके साथ धोखा किया तो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। इसके बाद केंद्र सरकार को कंपनी की जमा संपत्तियों को बेचने का अधिकार देकर छह माह के भीतर निवेशकों का पैसा लौटाने के आदेश दिए थे, लेकिन चार वर्ष बाद भी केंद्र सरकार ने निवेशकों को उनका पैसा वापस नहीं लौटाया। समिति सदस्यों ने कहा कि लोगों की लाखों की रकम फंसी हुई है, जिसके चलते उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
इस अवसर पर सुखदेव शास्त्री, गजे सिंह रावत, इंदू देवी, लक्ष्मी बिष्ट, अनीता, प्रताप सिंह, कृपाल सिंह, बनीसा देवी, सत्यवती देवी, अरुण कुमार चौहान और मालती आदि धरने पर बैठे।
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रियल स्टेट कंपनी पीएसीएल पर है लोगों की लाखों की देनदारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चार साल बाद भी पैसा न लौटाने पर बिफरे
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। रियल स्टेट कंपनी पीएसीएल द्वारा निवेशकों का पैसा नहीं लौटाने से आक्रोशित अभिकर्ता और निवेशकों ने दूसरे दिन कोटद्वार तहसील मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उनके पैसे वापस दिलाने की मांग की।
शुक्रवार को पीएसीएल अभिकर्ता और निवेशक संघर्ष समिति के बैनर तले कोटद्वार-भाबर के लोग दूसरे दिन तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने इस मामले में सरकार के ढुलमुल रवैये की आलोचना की। समिति सदस्यों ने कहा कि जब कंपनी ने उनके साथ धोखा किया तो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। इसके बाद केंद्र सरकार को कंपनी की जमा संपत्तियों को बेचने का अधिकार देकर छह माह के भीतर निवेशकों का पैसा लौटाने के आदेश दिए थे, लेकिन चार वर्ष बाद भी केंद्र सरकार ने निवेशकों को उनका पैसा वापस नहीं लौटाया। समिति सदस्यों ने कहा कि लोगों की लाखों की रकम फंसी हुई है, जिसके चलते उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
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इस अवसर पर सुखदेव शास्त्री, गजे सिंह रावत, इंदू देवी, लक्ष्मी बिष्ट, अनीता, प्रताप सिंह, कृपाल सिंह, बनीसा देवी, सत्यवती देवी, अरुण कुमार चौहान और मालती आदि धरने पर बैठे।
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