{"_id":"59cfd0c84f1c1ba1538b4fa1","slug":"151506791624-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानी पेंशन योजना शुरू करने के लिए कर्मचारी उतरे सड़कों पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी पेंशन योजना शुरू करने के लिए कर्मचारी उतरे सड़कों पर
Updated Sat, 30 Sep 2017 10:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कोटद्वार। पुरानी पेंशन योजना को शुरू कराने की मांग को लेकर सरकारी कर्मचारियों ने कोटद्वार में नारेबाजी के साथ जुलूस निकाला। उन्होंने सरकार के खिलाफ तहसील में प्रदर्शन किया और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पुरानी पेंशन योजना शुरू किए जाने की मांग की।
शनिवार को मंच के अध्यक्ष सुजीत रावत के नेतृत्व में मंच से जुड़े जिले के सरकारी कर्मचारी हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्र हुए। उन्होंने शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नारेबाजी के साथ तहसील तक जुलूस निकाला। तहसील में आयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार पर कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। कहा कि प्रदेश में एक अक्तूबर 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बजाय नई पेंशन योजना (एनपीएस) के अधीन रखा गया है, जो समानता के अधिकार के उल्लंघन है।
उन्होंने नई पेंशन योजना को कर्मचारियों के साथ धोखा बताया। कहा कि नई पेंशन योजना शेयर मार्केट पर आधारित है। इससे सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी को कितनी पेंशन मिलेेगी इसका पता नहीं चल सकता है, जबकि पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के अंतिम दिन के वेतन का 50 प्रतिशत के रूप में पेंशन प्राप्त होती है, इसके साथ ही प्रत्येक छह माह में महंगाई भत्ता भी देय होता है। नई पेंशन योजना में ऐसा कुछ नहीं है। सरकार द्वारा पेंशन देने में अपनाए जा रहे दो मानकों से कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने शीघ्र पुरानी पेंशन योजना को लागू किए जाने की मांग की।
विज्ञापन
इस अवसर पर मंच के जिलामंत्री मनमोहन चौहान, सचिव अनूप जदली, भाष्कर भारद्वाज, डा. महावीर सिंह, नीलम रावत, लक्ष्मी बिष्ट, सुनीता कुकरेती, रीना रावत, पंकज नेगी, वरदान बुड़ाकोटी, सतीश चंद्र, मनमोहन रौतेला, विजेंद्र नेगी, दीपक नेगी आदि मौजूद थे।
शनिवार को मंच के अध्यक्ष सुजीत रावत के नेतृत्व में मंच से जुड़े जिले के सरकारी कर्मचारी हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्र हुए। उन्होंने शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नारेबाजी के साथ तहसील तक जुलूस निकाला। तहसील में आयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार पर कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। कहा कि प्रदेश में एक अक्तूबर 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बजाय नई पेंशन योजना (एनपीएस) के अधीन रखा गया है, जो समानता के अधिकार के उल्लंघन है।
विज्ञापन
उन्होंने नई पेंशन योजना को कर्मचारियों के साथ धोखा बताया। कहा कि नई पेंशन योजना शेयर मार्केट पर आधारित है। इससे सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी को कितनी पेंशन मिलेेगी इसका पता नहीं चल सकता है, जबकि पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के अंतिम दिन के वेतन का 50 प्रतिशत के रूप में पेंशन प्राप्त होती है, इसके साथ ही प्रत्येक छह माह में महंगाई भत्ता भी देय होता है। नई पेंशन योजना में ऐसा कुछ नहीं है। सरकार द्वारा पेंशन देने में अपनाए जा रहे दो मानकों से कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने शीघ्र पुरानी पेंशन योजना को लागू किए जाने की मांग की।
विज्ञापन
इस अवसर पर मंच के जिलामंत्री मनमोहन चौहान, सचिव अनूप जदली, भाष्कर भारद्वाज, डा. महावीर सिंह, नीलम रावत, लक्ष्मी बिष्ट, सुनीता कुकरेती, रीना रावत, पंकज नेगी, वरदान बुड़ाकोटी, सतीश चंद्र, मनमोहन रौतेला, विजेंद्र नेगी, दीपक नेगी आदि मौजूद थे।