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कर्मचारियों का कार्यबहिष्कार खत्म, नगर निगम में हुआ कामकाज
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नगर निगम में हड़ताल समाप्त करने की घोषणा करते कर्मचारी साथ में मेयर अनीता शर्मा ।
- फोटो : HARIDWAR
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नगर निगम की बोर्ड बैठक में तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने कार्यबहिष्कार आंदोलन शुरू कर दिया था। कर्मचारी आरोपी भाजपा पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। कार्यबहिष्कार आंदोलन के पांचवें दिन कर्मचारियों ने आपसी निर्णय के बाद आंदोलन खत्म कर दिया। शुक्रवार को नगर निगम में अन्य दिनों के तरह कामकाज हुआ। मेयर अनीता शर्मा ने कूड़ा उठाने वाले वाहनों को रवाना किया। कर्मचारियों ने कहा कि वह आरोपी पार्षदों के वार्ड से कूड़ा नहीं उठाएंगे।
मेयर अनीता शर्मा और कर्मचारी सुबह साढ़े दस बजे ही नगर निगम परिसर में पहुंच गए थे। इस बीच भाजपा पार्षद दल राज्य अतिथि गृह अटल बिहारी वाजपेयी में बैठक की। जब 11 बजे तब भाजपा पार्षद नगर निगम परिसर में वार्ता के लिए नहीं पहुंचे तो कर्मचारी नेता उनको बुलाने राज्य अतिथि गृह गए। कर्मचारी नेताओं ने पार्षदों के खेद प्रकट पर कार्यबहिष्कार को समाप्त करने की मांग दोबारा पार्षदों के समक्ष रखी। इसपर भाजपा पार्षदों ने शर्त रखी की मेयर और मेयर पति को पहले धरना स्थल से वापस भेजा जाए। इसके बाद भाजपा पार्षद कर्मचारियों के समक्ष खेद प्रकट करेंगे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मेयर बोर्ड की अध्यक्ष हैं। इसलिए वार्ता के दौरान उनका मौजूद होना बेहद जरूरी है। भाजपा पार्षदों ने मेयर की मौजूदगी में धरना स्थल पर आने इनकार कर दिया। कर्मचारी नेताओं ने लौटकर तल्ख तेवर दिखाए तो मेयर ने उन्हें शहर की सफाई व्यवस्था का हवाला दिया। इसके बाद मेयर के आग्रह पर कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया। लेकिन शर्त यह रखी कि वे तीन वार्डों संदीप नगर, चौक बाजार और रामनगर से कूड़ा नहीं उठाएंगे। मेयर की सहमति के बाद कार्यबहिष्कार समाप्त कर दिया। इस दौरान सुरेंद्र तेश्वर, राजेंद्र श्रमिक, राजेंद्र चुटैला, नरेेश चानियाला, सुनील राजौर, सलेक चंद्र, प्रवीण तेश्वर, अशोक हवलदार, संजय पेवल, सुभाष खैरवाल, सुदर्शन, नानक, शिवकुमार, गगन कांगड़ा, अरविंद चचंल, अशोक चौहान, नीरज बागड़ी, आत्माराम बेनीवाल, राहुल कैंथोला, इंद्र सिंह रावत, दिनेश कांडपाल, अखिलेश शर्मा, आदेश यादव, लक्ष्मीकांत भट्ट, नवीन कुमार, अनिरुद्ध गौड़, सुनीत कुमार, विकास छाछर, श्रीकांत चौधरी, विकास कुमार, राजेंद्र घाघट आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।
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नगर निगम के राजनीतिकरण पर जताया विरोध
भाजपा का वरिष्ठ पार्षद अनिल मिश्रा ने कहा कि नगर निगम को राजनीतिक अखाड़ा बना दिया गया है। उन्होंने कहा दोनों दलों के पार्षदों में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। कांग्रेस के नेता घटना का राजनीतिक फायदा उठाने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
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मेयर ने नहीं की सदस्यता रद्द करने की संस्तुति
मेयर ने भाजपा पार्षद शुभम मैंदोला और सचिन अग्रवाल के 10.30 बजे तक कर्मचारियों वार्ता के नगर निगम परिसर में न आने पर उनकी सदस्यता रद्द करने की संस्तुति करने की चेतावनी दी थी। बाद में कर्मचारियों का रुख भी नरम हो गया। कर्मचारियों ने तीन वार्डों से कूड़ा उठाने की शर्त मेयर के समक्ष रखी।
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मेयर अनीता शर्मा और कर्मचारी सुबह साढ़े दस बजे ही नगर निगम परिसर में पहुंच गए थे। इस बीच भाजपा पार्षद दल राज्य अतिथि गृह अटल बिहारी वाजपेयी में बैठक की। जब 11 बजे तब भाजपा पार्षद नगर निगम परिसर में वार्ता के लिए नहीं पहुंचे तो कर्मचारी नेता उनको बुलाने राज्य अतिथि गृह गए। कर्मचारी नेताओं ने पार्षदों के खेद प्रकट पर कार्यबहिष्कार को समाप्त करने की मांग दोबारा पार्षदों के समक्ष रखी। इसपर भाजपा पार्षदों ने शर्त रखी की मेयर और मेयर पति को पहले धरना स्थल से वापस भेजा जाए। इसके बाद भाजपा पार्षद कर्मचारियों के समक्ष खेद प्रकट करेंगे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मेयर बोर्ड की अध्यक्ष हैं। इसलिए वार्ता के दौरान उनका मौजूद होना बेहद जरूरी है। भाजपा पार्षदों ने मेयर की मौजूदगी में धरना स्थल पर आने इनकार कर दिया। कर्मचारी नेताओं ने लौटकर तल्ख तेवर दिखाए तो मेयर ने उन्हें शहर की सफाई व्यवस्था का हवाला दिया। इसके बाद मेयर के आग्रह पर कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया। लेकिन शर्त यह रखी कि वे तीन वार्डों संदीप नगर, चौक बाजार और रामनगर से कूड़ा नहीं उठाएंगे। मेयर की सहमति के बाद कार्यबहिष्कार समाप्त कर दिया। इस दौरान सुरेंद्र तेश्वर, राजेंद्र श्रमिक, राजेंद्र चुटैला, नरेेश चानियाला, सुनील राजौर, सलेक चंद्र, प्रवीण तेश्वर, अशोक हवलदार, संजय पेवल, सुभाष खैरवाल, सुदर्शन, नानक, शिवकुमार, गगन कांगड़ा, अरविंद चचंल, अशोक चौहान, नीरज बागड़ी, आत्माराम बेनीवाल, राहुल कैंथोला, इंद्र सिंह रावत, दिनेश कांडपाल, अखिलेश शर्मा, आदेश यादव, लक्ष्मीकांत भट्ट, नवीन कुमार, अनिरुद्ध गौड़, सुनीत कुमार, विकास छाछर, श्रीकांत चौधरी, विकास कुमार, राजेंद्र घाघट आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।
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नगर निगम के राजनीतिकरण पर जताया विरोध
भाजपा का वरिष्ठ पार्षद अनिल मिश्रा ने कहा कि नगर निगम को राजनीतिक अखाड़ा बना दिया गया है। उन्होंने कहा दोनों दलों के पार्षदों में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। कांग्रेस के नेता घटना का राजनीतिक फायदा उठाने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
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मेयर ने नहीं की सदस्यता रद्द करने की संस्तुति
मेयर ने भाजपा पार्षद शुभम मैंदोला और सचिन अग्रवाल के 10.30 बजे तक कर्मचारियों वार्ता के नगर निगम परिसर में न आने पर उनकी सदस्यता रद्द करने की संस्तुति करने की चेतावनी दी थी। बाद में कर्मचारियों का रुख भी नरम हो गया। कर्मचारियों ने तीन वार्डों से कूड़ा उठाने की शर्त मेयर के समक्ष रखी।