फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Who will understand the pain of traffic police personnel

आखिर कौन समझेगा ट्रैफिक पुलिस कर्मियों का दर्द

Tue, 20 Jul 2021 11:39 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
Who will understand the pain of traffic police personnel
शहर के चौराहों पर ट्रैफिक बूथ नहीं हैं। इससे पुलिस कर्मियों को धूप, जाड़े और बारिश में परेशानियों से दो चार होना पड़ता है। वाहनों के संचालन पर भी असर पड़ता है। धूप और बारिश से बचने के लिए पुलिस कर्मी चौराहा छोड़कर सड़क किनारे पेड़ों की छांव या दुकानों के आगे निकले छज्जों के नीचे खड़े होना पड़ता है।
विज्ञापन

शहर में 30 से अधिक ट्रैफिक पोस्ट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती होती है। कई स्थानों पर पुलिसकर्मियों के आराम करने के लिए ट्रैफिक बूथ तो बने हैं, लेकिन अधिकतर जगहों पर तपती गरमी और मूसलाधार बारिश में छाता और रेनकोट के सहारे ड्यूटी करते हैं। शहर के ऋषिकुल तिराहा, देवपुरा चौक, शंकर आश्रम तिराहा, भगत सिंह चौक, प्रेमनगर आश्रम चौक, सिंहद्वार चौक, देशरक्षक तिराहा समेत कई जगहों पर तैनात होने वाले पुलिसकर्मी पेड़ या छज्जों खड़े होकर बारिश या धूप से बचते हैं। एसपी ट्रैफिक प्रदीप कुमार राय का कहना है कि ट्रैफिक बूथ को लेकर विचार किया जा रहा है। जल्द ही इसकी कार्य योजना तैयार की जाएगी।
विज्ञापन

-------
चौराहों पर नहीं जगह
ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए यातायात कर्मियों को सड़क के चारों तरफ खड़ा होना पड़ता है। अधिकतर चौराहों पर पक्के निर्माण हुए हैं। जिसके चलते यहां पर ट्रैफिक बूथ नहीं बन सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed